उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर विधानसभा में बयान दिया। उन्होंने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शंकराचार्य की उपाधि का दावा करने का अधिकार सभी को नहीं है। इसके बाद अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा सरकार यह तय नहीं करेगी कि शंकराचार्य कौन है।

अविमुक्तेश्वरानंद ने दिया सीएम योगी को जवाब

योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन में कोई ऐसी परंपरा नहीं है कि कोई मुख्यमंत्री या सरकार प्रमाणपत्र देकर शंकराचार्य नियुक्त करें। अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि सीएम योगी ने स्वामी वासुदेवानंद जी को शंकराचार्य का प्रमाण पत्र दिया और हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है। कोर्ट बार-बार कह रहा है कि उन्हें शंकराचार्य ना कहा जाए।

‘अखिलेश यादव तो बर्बाद हो गए, अब इनका हाल देखिएगा’

सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा था कि अगर वह शंकराचार्य थे तो समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लाठी क्यों चलवाई गई? इसके जवाब में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सपा ने शंकराचार्य को मारा था, आप भी मर चुके हो। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मतलब जिसे सपा ने मारा, उसे हम भी मार सकते हैं? स्वामी ने पूछा कि आप सपा से अलग फिर कैसे हो सकते हो। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो अहंकार 2015 में अखिलेश यादव के माथे पर चढ़ा था, वही अहंकार अब आप पर चढ़ गया है? अखिलेश यादव तो बर्बाद हो गए, अब इनका हाल देखिएगा।

शंकराचार्य की परिभाषा का जिक्र करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंकराचार्य वह होता है जो सनातन के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि सनातन का पहला विश्लेषण सत्य है, जो सत्य बोले, गो माता और धर्म की रक्षा करें। वही शंकराचार्य कहलाने के योग्य है। उन्होंने कहा यही परिभाषा सदियों से चली आ रही है।

सीएम योगी ने विधानसभा में कहा, “कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता। हम भारत की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े लोग हैं और मेरा मानना ​​है कि भारत के प्रत्येक नागरिक को कानून का सम्मान करना चाहिए। जहां कहीं भी 4.5 करोड़ श्रद्धालु इकट्ठा हुए हैं, स्नान के बाद श्रद्धालुओं के निकलने के लिए बने निकास द्वार से किसी के लिए भी बाहर निकलना संभव नहीं है, क्योंकि अगर कोई उससे प्रवेश करने का प्रयास करता है, तो भगदड़ मच जाती है और श्रद्धालुओं के जीवन को खतरा पैदा हो जाता है।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

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