ताज़ा खबर
 

षंजना थम्मा: तीन साल की ‘सुपर कंप्यूटर’

षंजना की मां मानसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पिता श्रीधर थम्मा वायुसेना में हैं।

षंजना महज दस माह की उम्र से ही लिखती है।

जिस उम्र में बच्चे ठीक से बोलना और पेंसिल पकड़ना तक नहीं जानते उस उम्र में मध्य प्रदेश की षंजन थम्मा नए-नए रेकॉर्ड बना रही है। उज्जैन निवासी षंजना थम्मा महज तीन साल की हंै। नन्हीं षंजना के नाम दोनों हाथों से लिखने का रेकॉर्ड है और बहुत जल्द उसका नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में दर्ज होने वाला है। षंजना थम्मा दुनिया में सबसे कम उम्र में ‘यंगेस्ट एक्टिवट्रेक्स्ट्रस राइटर’ के रूप में वर्ल्ड रेकॉर्ड बना चुकी हैं। षंजना महज दस माह की उम्र से ही लिखती है। इस उम्र में ज्यादातर बच्चे अपनी तोतली आवाज में बोलने और नन्हें कदमों से चलने की कोशिश करते हैं उस उम्र से षंजना एक हाथ से नहीं बल्कि दोनों हाथों से लिखने की कला जानती है। देश की इस नन्हीं प्रतिभा को लोग ‘सुपर कंप्यूटर’ भी कहने लगे हैं।

हाल ही में इस नन्हीं प्रतिभा से मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुलाकात की। षंजना थम्मा से हुई भेंट की तस्वीर मुख्यमंत्री दफ्तर के ट्विटर हैंडल से जारी की गई थी। षंजना अपनी मां मानसी थम्मा और नाना रमेश चंद्र शर्मा के साथ मुख्यमंत्री से मिलने उनके दफ्तर आई थीं। षंजना जैसे ही कक्ष में दाखिल हुईं, मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी के साथ उनसे हाथ मिलाया। षंजना से उन्होंने सवाल किया कि उसे कौन-कौन से मेडल प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने उसकी एक-एक उपलब्धि को देखा। मुख्यमंत्री ने षंजना को फूलों का गुलदस्ता और एक प्रशंसा पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने कहा ‘धन्य है हमारा प्रदेश, जहां इतनी अद्वितीय प्रतिभाएं हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिभाओं का प्रदेश हित में प्रेरणा के रूप में उपयोग करेंगे।’ मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान षंजना की मां मानसी ने बताया कि जब वह दस माह की थी तभी से दोनों हाथों से लिखती है। उसे इसी उम्र से एक से दस तक की गिनती भी याद थी।

बहुमुखी प्रतिभा की धनी षंजना को दुनिया के 235 देशों और उनकी राजधानी के नाम मुंह जबानी याद हैं। उसके उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उसकी मां मानसी ने बताया कि उसे विज्ञान, राजनीति और दुनिया के भूगोल की गहरी समझ और जानकारी है। षंजना का पहला रेकॉर्ड दो साल 11 माह में बना था, जब वह दोनों हाथों से लिखने लगी थी। उसका दूसरा रेकॉर्ड भी इसी उम्र में बना था, यह रेकॉर्ड कम उम्र में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय गान के साथ ही सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान उसे पूरा याद होने के कारण बना।

उसे ‘वर्ल्ड रेकॉर्ड आॅफ इंडिया’ और ‘एशिया बुक आॅफ रेकॉर्ड’ मिल चुका है। षंजना की मां के अनुसार, गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने की अंतिम प्रक्रिया चल रही है। षंजना की अपनी खुद की 250 किताबों की लाइब्रेरी है। षंजना नर्सरी में पढ़ती है, लेकिन उसे नौंवी कक्षा तक का पूरा ज्ञान है। उसकी मां ने बताया कि इतनी कम उम्र में भी वह चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को देखने के लिए रातभर जग रही थीं।

षंजना की मां मानसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पिता श्रीधर थम्मा वायुसेना में हैं। फिलहाल षंजना की मां ने बेटी की प्रतिभा को आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया है। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और बीएड कर रही हैं, ताकि वह खुद ही बेटी को पढ़ा सकें। और उसकी अधिकृत शिक्षिका बन सकें।

Next Stories
1 रामजन्मभूमि विवाद पर पहली याचिका दाखिल
2 “Didi की तस्वीर के सामने खड़े होने से मुझे मिलती है Energy”, ममता बनर्जी के लिए BDO ने कही मन की बात
3 20 फीट गड्ढे में गिरे मजदूर को बचाने में फंसे 3 दमकल कर्मी, 1 की मौत, अभी भी अटके हैं लोग
ये पढ़ा क्या?
X