उत्तर प्रदेश के शामली जिले में अवैध धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान तौफीक उर्फ भोला के रूप में हुई है। उसे आयुष मलिक (30) के धर्मांतरण से जुड़े मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान तौफीक के पास से एक निकाहनामा बरामद हुआ है।

यह मामला छह जून को आयुष के पिता एवं दवा व्यापारी देवराज मलिक की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, चांदनी कुरैशी नाम की जिम ट्रेनर ने प्रेम विवाह का झांसा देकर उनके बेटे आयुष मलिक का धर्म परिवर्तन कराया और निकाह के बाद उसकी संपत्ति हड़प ली।

शिकायत के अनुसार, महिला आयुष को दिल्ली ले गई और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उससे निकाह किया। इस मामले में चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को सात जून को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ दर्ज की थी एफआईआर

पुलिस ने एक मौलवी सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

हिंदू संगठनों ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। स्वामी यशवीर महाराज समेत कुछ अन्य लोगों ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

‘अब तो मैं मुसलमान बन गया…’

उत्तर प्रदेश के शामली धर्मांतरण मामले में दवा व्यापारी के बेटे आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने कहा कि वह मुसलमान बन गया है, अब वापस हिंदू धर्म अपनाने का कोई मतलब ही नहीं है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।