Shamli Case: उत्तर प्रदेश के शामली धर्मांतरण मामले में दवा व्यापारी के बेटे आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने कहा कि वह अब तो मुसलमान बन गया है, अब वापस हिंदू धर्म अपनाने का कोई मतलब ही नहीं है।

यूपी पुलिस ने पहले ही आयुष के जबरन धर्मांतरण मामले में आरोपित युवती चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, चांदनी ने चार साल पहले आयुष को हिंदू से मुस्लिम बनने के लिए मजबूर किया था। इसके बाद उससे शादी कर ली।

घर वापसी का कोई मतलब ही नहीं- आयुष

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए शामली निवासी आयुष उर्फ मोहम्मद अली ने कहा, “अब तो मैं मुसलमान बन गया न तो घर वापसी का कोई मतलब ही नहीं है। ‘वापसी’ का सवाल तभी उठता जब मैं दोबारा हिंदू बनता; वरना इसका मतलब यही होगा कि मैं कभी मुसलमान बना ही नहीं था।”

जब सवाल पूछा गया कि आपके पिता ने फिर एफआईआर क्यों दर्ज कराई? इस पर जवाब देते हुए आयुष उर्फ मोहम्मद अली ने कहा, पता नहीं किस तरीके का प्रेशन उनपर रहा, आप लोगों (मीडिया) का रहा, माहौल का रहा, परिवार का रहा, कमेटी का रहा उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई। मेरा एक परिवार और है, वह भी सामाजिक दबाव में है। एक परिवार जिससे मेरा निकाह हुआ, उन पर सब पर एफआईआर दर्ज है। सब जेल में हैं।

इसके बाद उनसे पूछा गया कि क्या आप नमाज अदा करते हैं, तो इस पर जवाब देते हुए उसने कहा कि हां मैं नमाज पढ़ता हूं। साथ ही कहा कि आपका मन लगे न लगे आपको नमाज पढ़नी है।

इस्लाम धर्म क्यों अपनाया?

आगे सवाल जब पूछा गया कि इस्लाम धर्म अपनाने का आपका क्या टर्निंग प्वाइंट रहा, हिंदू धर्म और इस्लाम धर्म में आप क्या मानते हैं? इस पर आयुष ने कहा, “हिंदू धर्म की मैं इज्जत करता हूं, मैं कोई शिकायत नहीं करता। मेरा धीरे-धीरे इस तरफ रुझान रहा तो मैं जानने लगा फिर मानने लगा और फिर अपनाया।”

करोड़पति होने के कारण फंसाया

इससे पुलिस पूछताछ में सामने आया कि युवती का भाई आयुष के मेडिकल स्टोर पर काम करता था। करोड़पति होने के कारण युवती ने उसको फंसाने के लिए जिस जिम में आयुष जाता था, पहले उसे ज्वाइन किया, फिर जिम ट्रेनर बनकर आयुष को फंसाया और उसका अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया।

पाकिस्तानी डॉक्टर का दिखाया वीडियो

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आयुष को पाकिस्तानी डॉ. इसरार अहमद का वीडियो दिखाकर ब्रेनवाश किया गया। इसके बाद उसे दिल्ली ले जाकर मस्जिद में शामली के मौलवी समेत तीन मौलानाओं ने धर्मांतरण कराया। चर्चा है कि खतना के लिए आयुष को मुंबई ले गए थे। चार साल पहले हुए यह धर्मांतरण तब सुर्खियों में आया जब मुजफ्फरनगर के बघरा आश्रम के स्वामी यशवीर ने आयुष की मुस्लिम टोपी लगी तस्वीर इंस्टाग्राम पर देखी और आरोपितों पर कार्रवाई की मांग को लेकर युवती के घर के सामने पंचायत की चेतावनी दी।

इसके बाद युवक के पिता ने थाने में पुलिस को तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई। शामिल के मोहल्ला दयानंद नगर निवासी देवराज मलिक जिले के बड़े व्यापारी हैं। उनके बेटे आयुष ने भारत मेडिकोज के नाम से मेडिकल स्टोर खोला। उसी पर आस मोहम्मद उर्फ आशु काम करता था। आशु व उसके पिता को पता था कि आयुष करोड़पति पिता का बेटा है। इसलिए आशु की बहन चांदनी ने जिम में उससे बातचीत करनी शुरू की और उसके साथ घर आना-जाना शुरू किया और नजदीकी बढ़ा ली।

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उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक फिजियोथेरेपिस्ट रोजाना 3-4 हजार कमाने के बावजूद चोरी करने लगा। पुलिस ने बताया कि कई अफेयर के कारण बढ़ते खर्चों की वजह से उसने एक सरकारी अस्पताल से लाखों रुपये का कीमती सामान चुरा लिया। यह मामला आदर्श मंडी पुलिस स्टेशन इलाके का है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें