उत्तर प्रदेश के संभल की शाही जामा मस्जिद के प्रमुख जफर अली ने आगामी रमजान महीने से पहले मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत मांगी है। उन्होंने इसके लिए सोमवार को जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
शाही जामा मस्जिद के प्रमुख जफर अली ने पत्र में कहा कि रमजान के दौरान लाउडस्पीकर की जरूरत है ताकि मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले सभी नमाजियों को इमाम की आवाज साफ सुनाई दे।
अली ने पत्रकारों से कहा कि 18 फरवरी से रमजान का महीना शुरू होने वाला है इसलिए मस्जिद में लाउडस्पीकर की जरूरत है ताकि इमाम द्वारा मस्जिद के अंदर दी जाने वाली नमाज और तकरीरें दूर बैठे लोगों तक भी पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि यह मांग इमाम व नमाजियों के बीच किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए की गई है।
संभल मस्जिद के स्ट्रक्चर में हुए कई बदलाव…
फरवरी 2025 में सार्वजनिक जगहों पर ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सरकार के आदेश पर हुई कार्रवाई के बीच उत्तर प्रदेश में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा दिए गए थे।
एएसआई के सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा
साल 2024 में संभल की शाही जामा मस्जिद में एएसआई के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के मामले में एसआईटी ने जफर अली को पूछताछ के लिए बुलाया था और फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जफर अली ने हाल ही में दावा किया था कि वह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरेंगे।
संभल की शाही मस्जिद का नाम बदला, जामा नहीं अब जुमा मस्जिद कहलाएगा विवादित स्थल
