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बिहारः मोहम्मद शहाबुद्दीन की जेल से रिहाई में जूलूस की तैयारी, सहमे हैं सीवान के लोग

बिहार में सीवान के बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन अब जेल से बाहर आ रहा है। जी हां. हत्या, रंगदारी और किडनैपिंग जैसे आरोपों में लिप्त मोहम्मद शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद जमानत मिल गई है।

Author नई दिल्ली | September 10, 2016 4:28 PM
मर्डर, किडनैपिंग और पुलिस के साथ गोलीबारी करने जैसे आरोपों में लिप्त मोहम्मद शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद जमानत मिल गई है।

बिहार में खूखार घटनाओं को अंजाम देने वाला सीवान का बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन अब जेल से बाहर आ रहा है। जी हां, अवैध हथियार रखने, जेल में अवैध रूप से मोबाइल का उपयोग करने, मर्डर, किडनैपिंग और पुलिस के साथ गोलीबारी करने जैसे आरोपों में लिप्त मोहम्मद शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद जमानत मिल गई है। ऐसे में उसके जेल से बाहर आने के सभी रास्ते खुल गए हैं। खबरों के मुताबिक शाहबुद्दीन के काफिले के लिए करीब 1300 गाड़ियों के साथ अपने गढ़ सीवान जाएगा।

खौफ में सीवान के लोग

शहाबुद्दीन के बाहर आने से की खबर के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी का कहना है कि जंगल राज को बढ़ावा देने वाले शहाबुद्दीन के बाहर आने की खबर से लोग सहमे हुए हैं। सुशील मोदी ने कहा है कि लालू के दबाव में नीतीश ने केस को कमजोर कर दिया। हालांकि वहीं दूसरी ओर शहाबुद्दीन के रिहाई की खुशी में उसके कुछ समर्थक शुक्रवार को स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। उसके समर्थक एक दिन पहले ही जेल के गेट पर पहुंच गए। बताया जाता है कि 2005 में आई फिल्म अपहरण की कहानी शहाबुद्दीन के असल जिंदगी वाले किरदार को ध्यान में रखकर ही बनाई गई थी। सीवान के जाने-माने तेजाब कांड में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह 11 साल बाद रिहा शनिवार की सुबह जमानत पर रिहा हो जाएगा।

बढ़ाई गई सुरक्षा

सीवान प्रशासन ने शहाबुद्दीन के जेल से बाहर आने की खबर मिलते ही जिले में सेना की चौकसी बढ़ा दी है। चौक-चौराहों पर पर अतिरिक्त बलों की तैनाती के अलावा गश्त भी तेज कर दी गई है। इससे पहले, शुक्रवार को सीवान के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भी जमानत की कॉपी मिल चुकी है। सीवान जेल में बने स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश ने जमानत आदेश का अवलोकन किया। उसके बाद बेल बांड भरने की प्रक्रिया अपनाई गई। लिहाजा इससे पहले जिन मामलों में जमानत मिली थी और जिनके बेल बांड नहीं भरे गए थे, उनके भी बेल बांड भरे गए। कोर्ट में दो-दो बेल दिलाने वाले पहुंचे और कोर्ट ने शहाबुद्दीन की रिहाई का आदेश जारी कर दिया। शाम को कोर्ट से जेल प्रशासन को आदेश भेजा गया। इसके बाद सीवान जेल प्रशासन ने भागलपुर विशेष केन्द्रीय कारागार अधीक्षक को आदेश की कॉपी भेजने की तैयारी शुरू की, जो गुरुवार रात को ही अपने समर्थकों के साथ भागलपुर पहुंच गए थे। बता दें कि पहले ही बिहार में गुंडाराज फैला हुआ है और अब शहाबुद्दीन के आने से राज्य में और इस भी इस तरह की घटनाएं घटने की बजाए बढ़ेंगी।

कैसे बना बाहूबली

शहाबुद्दीन के क्राइम की कहानी 15 मार्च 2001 को लालू की पार्टी के एक नेता को गिरफ्तार करने आए पुलिस ऑफिसर संजीव कुमार को थप्पड़ मारने से शुरू हुई थी। इसके घटना के बाद शहाबुद्दीन के समर्थकों और पुलिस के बीच काफी लंबी झड़प हुई। थप्पड़ मारने वाले शहाबुद्दीन पर पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान शहाबुद्दीन समर्थकों और पुलिस के बीच गई घंटों तक गोलीबारी हुई। इस घटना में 10 लोग मारे गए और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। तभी से शहाबुद्दीन एक बाहुबली के रूप में पहचाना जाने लगा।

2 भाइयों की तेजाब से नहलाकर की हत्या

गौरतलब है कि दो भाइयों की तेजाब से नहलाकर हत्या करने और बाद में हत्याकांड के इकलौते गवाह उनके तीसरे भाई की हत्या के मामले में शहाबुद्दीन भागलपुर जेल में बंद था। दोहरे हत्याकांड में लिप्त आरोपी हाईकोर्ट से फरवरी में ही जमानत पा चुका था और अब  गवाह की हत्या के मामले में भी बुधवार को शीर्ष अदालत ने उसकी जमानत मंजूर कर ली। ऐसे में शहाबुद्दीन की जमानत के बाद बिहार की राजनीति गर्म हो गई है, नीतीश की सत्तारूढ़ पार्टी फिलहाल इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रही है। विपक्षी भाजपा ने आरोप लगाया है कि लालू यादव से नजदीकी के चलते सरकार ने उसका केस कमजोर कर दिया, जिसके चलते ऐसे गुंडे को जमानत मिल गई।

 

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