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CM से हर महीने करीब 25 लाख का बिजली बिल माफ करवाना चाहती है SGPC, बादल नहीं दे रहे जवाब

एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने एक साल में यह तीसरी बार सीएम पत्र लिखा है। इन्हें हर महीने करीब 50 लाख रुपए बिजली के बिल का भुगतान करना पड़ता है।
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल। (फाइल फोटो)

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने एक बार फिर पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल को पत्र लिखकर बिजली के बिल में 50 फीसदी की छूट मांगी है। यह छूट सिखों की चुनी हुई सर्वोच्च संस्था द्वारा इस्तेमाल की जा रही बिजली के लिए मांगी गई है। मक्कड़ ने एक साल में यह तीसरी बार सीएम पत्र लिखा है। यहां 532 एसी लगे हुए हैं। इस संस्थान को हर महीने करीब 50 लाख रुपए बिजली के बिल का भुगतान करना पड़ता है। मक्कड़ ने पत्र में स्वर्ण मंदिर के पास सामुदायिक रसोई और धर्मशालाओं में ज्यादा बिजली इस्तेमाल होने की बात कही है। उन्होंने एसजीपीसी के ऑफिस और स्वर्ण मंदिर के पास स्थित अन्य इमारतों के लिए भी सब्सिडी वाली बिजली मांगी है।

प्रेस नोट जारी करते हुए मक्कड़ ने बताया कि उन्होंने 10 नवंबर 2015 को पहला पत्र लिखा था। उसके बाद उन्होंने पंजाब के सीएम को दोबारा से फिर पत्र के जरिए 22 मार्च 2016 को इसकी याद दिलवाई। पहले दो पत्रों का कोई जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार को तीसरा पत्र लिखा है।

मक्कड़ ने खत में लिखा है, ‘स्वर्ण मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। एसजीपीसी उनके रहने का इंतजाम करती है, ऐसे में इसके लिए काफी बिजली खर्च होती है। एसजीपीसी लंगर भी देता है, ऐसे में कई दिन तो लंगर लेने वालों की संख्या एक लाख से ज्यादा हो जाती है। करीब सात लाख बिजली की यूनिट श्रद्धालुओं के रहने और उनके लंगर के इंतजाम में खर्च हो जाती है। गर्मियों में यह खर्च और ज्यादा बढ़ जाता है। अभी एसजीपीसी इसके लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान पर निर्भर है। बिजली बिल की इतनी बड़ी रकम देना हमारे लिए परेशानी खड़ी कर देती है। हम यह सब मानव भलाई के लिए करते हैं। इसलिए मेरी अपील है कि आप बिजली विभाग को हमें बिजली के बिल में 50 फीसदी की छूट देने के लिए कहें।’

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इंडियन एक्सप्रेस के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक एसजीपीसी ने स्वर्ण मंदिर के पास अपनी इमारतों में 532 एसी लगा रखे हैं। इसके साथ ही वे स्वर्ण मंदिर और दुर्गियाना मंदिर में छूट का लाभ पहले से ही उठा रहे हैं। स्वर्ण मंदिर और दुर्गियाना मंदिर के लिए 2000 यूनिट बिल्कुल मुफ्त हैं। इसके साथ ही बाकी की यूनिट्स का5.37 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से चार्ज लगता है, जबकि सामान्य चार्ज 6.4 रुपए है। गौर करने वाली बात यह है कि स्पेशल चार्ज का लाभ ना केवल स्वर्ण मंदिर परिसर को ही मिल रहा है, बल्कि इसका फायदा एसजीपीसी अपने दफ्तरों के लिए भी ले रही है, जो कि पूरी तरह से वातानुकूलित है।

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25 एसी तेजा सिंह समुंद्री हॉल में लगाए गए हैं। इसके अलावा 11 टन के दो एसी तेजा सिंह समुंद्री हॉल के पास स्थित एसजीपीसी की सचिवालय की नई बिल्डिंग में लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक एसजीपीसी के दफ्तरों में लगाए गए एसी की संख्या 100 से ज्यादा है। धर्मशालाओं में 117 एसी माता गंगा जी निवास, 90 गुरु अर्जुन देव निवास , 16 गुरु रामदास निवास और 33 गुरु हरगोबिंद निवास में लगे हुए हैं। इसके अलावा 22 एसी स्वर्ण मंदिर परिसर में स्थित कमरों में लगे हुए हैं।

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