Madhya Pradesh News: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास स्थित बेगम बाग कॉलोनी में एक बार फिर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बुलडोजर कार्रवाई की है। लीज खत्म होने और कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद प्रशासन ने एक दर्जन से अधिक मकानों को ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी प्राधिकरण द्वारा 42 मकानों को तोड़ा जा चुका है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने बताया, “ये जो हम जहां पर खड़े हैं वो हरि फाटक आवासीय योजना है। आवासीय योजना के उद्देश्य से ही लोगों को लीज दी गई थी। लेकिन कालांतर में लोगों की तरफ से उसका उल्लंघन किया गया। नियमों के उल्लंघन के कारण लगभग 45 पट्टे रद्द कर दिए गए, जिसके बाद लगभग 11 प्लॉट पर बने 16 ढांचों को हटाया गया। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं, जिसके बाद जमीन को अपने कब्जे में ले लिया जाएगा। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हरि फाटक पुल के चौड़ीकरण और सड़क निर्माण का हिस्सा है।”
पट्टे के अवधि खत्म हो चुके मकानों को गिराया जा रहा- सीएसपी राहुल देशमुख
सीएसपी राहुल देशमुख ने बताया, “बेगम बाग में पट्टे की अवधि खत्म हो चुके मकानों को गिराया जा रहा है। पुलिस तैनाती, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन निगरानी सहित सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है ताकि कम से कम व्यवधान हो और श्रद्धालुओं के लिए एक मार्ग खुला रखा गया है। विध्वंस स्थल के आसपास का क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और यातायात सुचारू रूप से चलाने के लिए काम को जल्दी से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
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आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, बेगम बाग उज्जैन के महाकाल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली एक मुस्लिम बहुल आवासीय बस्ती है। यह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का गृह जिला है। अधिकारियों ने बताया कि यह जमीन मूल रूप से एक आवासीय कॉलोनी स्थापित करने के लिए आवंटित की गई थी। हालांकि, आवंटियों ने भूखंडों का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया, जो पट्टे की शर्तों का उल्लंघन था। इसके अलावा, इन भूखंडों के पट्टे 2014-15 में खत्म हो गए थे और उनको कभी रिन्यू भी नहीं करवाया गया।
