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कोस्‍टल जोन रेगुलेशन के उल्‍लंघन के मामले में 7 स्‍टार होटल को जमींदोज करेगी केरल सरकार

वेम्बनाड़ झील में एक द्वीप पर स्थित एक 7 स्टार होटल की जमीन का अधिकार केरल सरकार ने अपने पास ले लिया है। 2012 में बने इस होटल पर जमीन अतिक्रमण और कोस्‍टल जोन रेगुलेशन के उल्‍लंघन के आरोप हैं।

कोस्‍टल जोन रेगुलेशन के उल्‍लंघन के मामले में 7 स्‍टार होटल को जमींदोज करेगी केरल सरकार
केरल का 7 स्टार होटल किया जाएगा जमींदोज (Source: Dane via Google Images)

कोस्टल जोन रेगुलेशन के उल्लंघन के मामले में केरल सरकार एक 7 स्टार होटल रिजॉर्ट को जमींदोज करने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 200 करोड़ रुपए की इस प्रोपर्टी को धवस्त किया जा रहा है। यह होटल अलाप्पुझा जिले में स्थित है। साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने रिजॉर्ट को जमींदोज करने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने इस जमीन का अधिकार वापस ले लिए हैं। यह जमीन वेम्बनाड़ झील में एक द्वीप पर स्थित है, जिस पर अतिक्रमण कर एक 7 स्टार होटल बना दिया गया था। पहले साल 2013 में केरल हाईकोर्ट ने इस होटल को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को होटल के प्रशसान ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, यहां भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और कोर्ट ने इसे नष्ट करने के निर्देश दिए।

अलाप्पुझा की डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर कृष्णा थेजा ने बताया कि प्रशासन होटल को जमींदोज करने का एक्शन प्लान स्थानीय पंचायत को सौंपेगा। इसके बाद एक हफ्ते के अंदर जिला प्रशासन द्वारा इसे नष्ट करने के प्लान को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

7 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस होटल में 54 आलीशान विला हैं, जिन्हें बनाने का काम साल 2007 में शुरू किया गया था और 2012 में यह बनकर तैयार हो गया। यह होटल शुरुआत से ही जमीन अतिक्रमण और कोस्‍टल जोन रेगुलेशन के उल्‍लंघन के आरोपों का सामना करता रहा है, जिस वजह से इसे कभी कर्मशियल इस्तेमाल के लिए खोला नहीं जा सका।

इससे पहले साल 2020 में कोच्चि के मराडू शहर में स्थित चार बहुमंजिला इमारतों को गिराया गया था। इन इमारतों के निर्माण में तटीय नियमन क्षेत्र का उल्लंघन किया गया था। इन इमारतों का नाम H2O होली फेथ, अल्फा सेरीन, जैन कोरल कोव और गोल्डन कयालोरम था, जिन्हें गिराने का आदेश साल 2019 में दिया गया था।

इसी तरह पिछले महीने ही उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सुपरटेक के ट्विन टावरों को ध्वस्त किया गया था। अवैध रूप से बनाए गए ट्विन टावरों को धराशायी करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने एक साल पहले दिया था। करीब 100 मीटर ऊंचे टावर को चंद सेकेंड में ध्वस्त कर दिया गया।

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First published on: 13-09-2022 at 02:52:16 pm