ताज़ा खबर
 

घूसखोरी में जीएसटी आयुक्त सहित आठ गिरफ्तार

सीबीआइ ने कानपुर और दिल्ली में शुक्रवार देर रात चलाए अभियान के तहत आयुक्त के तौर पर तैनात भारतीय राजस्व सेवा के 1986 बैच के अधिकारी, विभाग के दो अधीक्षक, एक निजी स्टाफ और पांच गैर-सरकारी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

Author February 4, 2018 1:50 AM
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई।

कानपुर में सीबीआइ ने घूसखोरी के सिलसिले में कानपुर से वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विभाग के एक आयुक्त, उसके विभाग और गैर-सरकारी अधिकारियों सहित आठ अन्य को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआइ ने कानपुर और दिल्ली में शुक्रवार देर रात चलाए अभियान के तहत आयुक्त के तौर पर तैनात भारतीय राजस्व सेवा के 1986 बैच के अधिकारी, विभाग के दो अधीक्षक, एक निजी स्टाफ और पांच गैर-सरकारी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि ऐसा आरोप है कि आयुक्त आदतन अपराधी है और कारोबारियों से मासिक व साप्ताहिक आधार पर रिश्वत लेता है। शुक्रवार को भी वह कथित रूप से डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत ले रहा था तभी उसे दबोच लिया गया। कथित तौर पर रिश्वत देने वाले व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि उसकी पत्नी का नाम भी प्राथमिकी में है, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।

जीएसटी लागू होने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआइ ने आयुक्त को फैजाबाद से व विभागीय अफसरों को कार्यालय व चार बिचौलियों की गिरफ्तारी बेहद गोपनीय तरीके से की है। जनपद के सर्वोदय नगर में सेंट्रल एक्साइज व सर्विस टैक्स विभाग का मुख्य कार्यालय है। यहां पर संसार चंद वरिष्ठ जीएसटी आयुक्त हैं। उन्होंने जीएसटी के नाम पर वसूली करने को विभागीय अफसरों के साथ एक पूरा गिरोह तैयार कर रखा था। इसमें शामिल अफसर व कर्मी व्यापारियों के यहां पहले तो छापा मारते हैं और बाद में कार्रवाई के नाम पर खुली वसूली का पूरा नेटवर्क चला रहे थे।

केंद्र सहित राज्यों के सभी विभागों में इन दिनों भ्रष्टाचारियों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के चलते आयुक्त संसार चंद सीबीआइ के निशाने पर थे। शुक्रवार को आयुक्त लखनऊ से दिल्ली जाने के लिए रवाना हुए। इस बीच जैसे ही वह फैजाबाद पहुंचे उन्हें सीबीआइ की टीम ने देर शाम डेढ़ लाख की घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को सीबीआइ की टीम कानपुर पहुंची और सर्वोदय नगर स्थित मुख्यालय में छापा मारा। यहां से तीन अधिकारियों- अमन, अजय व राजीव को गिरफ्तार किया। फिर टीम आयुक्त के रक्षा कॉलोनी स्थित आवास पहुंची और उनकी पत्नी अविनाश कौर व उनके निजी सचिव सौरभ और चार बिचौलियों को घूस की रकम के साथ पकड़ लिया गया। बिचौलियों में पकड़े गए बड़ा कारोबारी मनीष, अमित, अमन और चंद्रप्रकाश शामिल हैं। कार्रवाई के बाद आयुक्त के कार्यालय पर ताला लटका हुआ है।

आयुक्त की गिरफ्तारी पर एक व्यापारी ने बताया कि आयुक्त व उनके अदर्ली अक्सर जीएसटी के नाम पर कारोबारी को डराते और जेल भेजने की धमकी देते थे। उनके खिलाफ कुछ दिन पूर्व कानपुर के व्यापारियों ने विरोध किया और ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा था। हालांकि, जीएसटी आयुक्त की गिरफ्तारी को कानपुर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App