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मोबाइल बैंकिंग फ्रॉड: इशू कराते थे डुप्‍लीकेट सिम, फिर ऐप के सहारे अकाउंट्स से निकाल लेते थे लाखों

पुलिस के मुता‍बिक, आरोपियों ने एक्‍‍सिस बैंक का ऐप LIME और एसबीआई का ऐप Buddy को हैक किया।

Author बेंगलुरु | January 22, 2016 1:28 PM
भारत के कुछ शहरों में 2020 तक 5G नेटवर्क की सुविधा मिलने की उम्‍मीद है।

शहर की साइबर क्राइम पुलिस ने एक्‍स‍िस बैंक के एक डिप्‍टी मैनेजर समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों पर आरोप है कि उन्‍होंने मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए लोगों के अकाउंट हैक किए और पैसे चुराए। पुलिस के मुता‍बिक, आरोपियों ने एक्‍‍सिस बैंक का ऐप LIME और एसबीआई का ऐप Buddy को हैक किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में तेलंगाना के करीमनगर जिले स्‍थ‍ित एक्‍स‍िस बैंक की पेडपपल्‍ली ब्रांच के डिप्‍टी मैनेजर जी गोपालाकृष्‍णन उर्फ गोपी (30), वी नागेश्‍वर रेड्डी (27), जी वीरब्राह्मण उर्फ रोहित शर्मा उर्फ प्रेमानंद उर्फ प्रेम कुमार (23), सीएच रमण एर्फ रमण रेड्डी (45), एन रमेश (30), सीएस पद्ममजा (35) और उसका भाई सीएस किरण (33) हैं।

कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
पुलिस के मुता‍बिक, ये गैंग लोगों के बैंक अकाउंट डिटेल्‍स के अलावा उनके मोबाइल फोन नंबर पता कर लेता था। इसके बाद, वे उन कस्‍टमर्स के नाम पर डुप्‍लीकेट सिम कार्ड हासिल करते थे। ऐसा करने के लिए वे मोबाइल कंपनियों के पास सिम खोने से जुड़ी फर्जी पुलिस रिपोर्ट दाखिल करते थे। डुप्‍लीकेट सिम कार्ड और मोबाइल ऐप का इस्‍तेमाल करके ये गैंग लोगों के पैसे अपने फर्जी नंबरों पर ट्रांसफर करते थे और बाद में एक्‍स‍िस बैंक के एटीएम से उसे निकाल लेते थे। पुलिस के मुताबिक, गोपी कर्नाटक के एक्‍सिस बैंक की शाखाओं में ज्‍यादा बैलेंस रखने वाले कस्‍टमर्स की जानकारी देता था। नागेश्‍वर रेड्डी और आनंद डुप्‍लीकेट सिम कार्ड हासिल करते थे। वे मोबाइल प्‍लान को प्रीपेड से पोस्‍टपेड में भी चेंज करवाते थे।

ऐसे आए शिकंजे में
नेशनल हाईड्रो पावर कॉरपोरेशन के रिटायर्ड चेयरमैन और एमडी एसआर नरसिम्‍हन ने बेंगलुरु की साइबर क्राइम पुलिस के पास 29 दिसंबर 2015 को शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक, उनका मोबाइल नंबर स्‍थायी तौर पर बंद हो गया। इसके बाद, उनके एक्‍स‍िस बैंक के सेविंग अकाउंट से 17 ट्रांजेक्‍शंस के जरिए 180375 रुपए चार से पांच दिसंबर के बीच निकाले गए। अधिका‍री ने यह भी शिकायत दर्ज कराई कि उनका मोबाइल नंबर उनकी जानकारी के बिना प्रीपेड से पोस्‍टपेड में तब्‍दील कर दिया गया है। इसके बाद, पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि इस गैंग ने एसबीआई के ऐप बडी को भी हैक किया और पैसे ट्रांसफर किए। इस तरह के कुछ मामले तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में दर्ज किए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने तमिलनाडु में भी इस तरह के वारदात में शामिल होने की बात कबूल की है।

 

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