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जमीन में गाड़ रखा था 2330 किलो गांजा, जवानों ने रात भर खुदाई कर निकाला

जमीन के नीचे गांजा बरामद होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब 15 दिन पहले भी डीआरआई, बीएसएफ के जवान और त्रिपुरा पुलिस ने एक अन्य संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 3390 किलो गांजा बरामद किया था।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- एपी)

त्रिपुरा में सुरक्षाकर्मियों ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। जवानों ने रात भर जमीन की खुदाई कर 2330 किलो का गांजा बरामद किया है। इंटरनेशनल मार्केट में इस गांजे की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है। टीओआई के मुताबिक बड़ी ही चालाकी के साथ 2330 किलो गांजे को ड्रम में भरकर पुलिस की नजर से बचाते हुए जमीन में गड़ाया गया था। गांजा बरामद करने का यह ऑपरेशन राजस्व खुफिया निदेशालय (जीआरआई), सीआरपीएफ के जवान और त्रिपुरा की पुलिस के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।

संयुक्त टीम ने त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के सोनुमुरा स्थित कमलनगर के घाटी घर पर सर्च ऑपरेशन किया और जमीन की खुदाई कर 78 प्लास्टिक ड्रम्स बरामद किए। सभी ड्रम्स अलग-अलग साइज के हैं। रात भर इस इलाके में खुदाई की गई और जब ड्रम दिखे तब उन्हें बाहर निकाला गया, जिनमें 2330 किलो गांजा बरामद हुआ। एनडीपीएस एक्ट के तहत 17 अगस्त को गांजे को सीज किया गया।

जमीन के नीचे गांजा बरामद होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब 15 दिन पहले भी डीआरआई, बीएसएफ के जवान और त्रिपुरा पुलिस ने एक अन्य संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 3390 किलो गांजा बरामद किया था। यह गांजा भी जमीन के अंदर ड्रम्स में मिले थे। इंटरनेशन मार्केट में इस गांजे की कीमत करीब 1.86 करोड़ रुपए है। क्रॉस-बॉर्डर क्राइम, जिनमें सोने की स्मगलिंग, ड्रग्स, फेक इंडियन करेंसी, गांजा का व्यापार शामिल है, इसके खिलाफ ऑपरेशन करने वाली डीआरआई सबसे अहम एजेंसी है। भारत का नॉर्थ-ईस्ट इलाका बर्मा, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, चीन जैसे देशों से लगा हुआ है। ऐसे में क्रॉस-बॉर्डर क्राइम को रोकने के लिए डीआरआई के द्वारा कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। डीआरआई इन इलाकों में बीएसएफ, असम राइफल्स, स्टेट पुलिस एजेंसी, फॉरेस्ट और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर काम कर रही है और इस तरह के ऑपरेशनों को अंजाम दे रही है।

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