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आज रात से दिल्ली सील, जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर राजधानी में धारा-144

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सोमवार को संसद घेराव की चेतावनी और दिल्ली में समिति के धरना-प्रदर्शन से पहले पुलिस ने पूरी दिल्ली में धारा 144 लगा दिया है।

Author नई दिल्ली | March 19, 2017 4:20 AM
खट्टर केन्द्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री पीपी चौधरी और केन्द्रीय मंत्री बीरेन्द्र सिंह के साथ जाट नेताओं से बात करेंगे। (Photo Source: PTI)

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सोमवार को संसद घेराव की चेतावनी और दिल्ली में समिति के धरना-प्रदर्शन से पहले पुलिस ने पूरी दिल्ली में धारा 144 लगा दिया है। प्रदर्शनकारियों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली गई है। रेलवे, मेट्रो में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के साथ सीमाई इलाके सहित अन्य सभी आवागमन के रास्ते बंद करने के फरमान जारी किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है और दिल्ली में कहीं भी धरना प्रदर्शन करने वालों के साथ कानून के मुताबिक सख्ती से पुलिस पेश होगी।

सोमवार को सीबीएसई, यूपीएससी की परीक्षा को देखते हुए छात्रों और अभिभावकों से तय समय से पहले घर से निकलने कहा गया है ताकि उन्हें प्रदर्शनकारियों का कोपभाजन न बनना पड़े। इस कवायद में दिल्ली पुलिस के सभी यूनिटों के साथ 110 कंपनियां बाहर की पुलिस लगाई गई है। सीमा सील कर दी है और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।

दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने पत्रकारों को बताया कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारियों की कई दफा बैठक हुई और दिल्ली में धारा 144 लगाने का फैसला किया गया। पाठक ने बताया कि समिति के पदाधिकारियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी तरह से कानून अपने हाथ में न लें अन्यथा उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने को दिल्ली पुलिस बाध्य होगी। रेल और मेट्रो पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी ताकि कोई उसकी ओट में दिल्ली में आकर धरना प्रदर्शन शुरू न करें। इसके साथ ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का अलग से इंतजाम किया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार रात आठ बजे से ही दिल्ली के कई इलाके में आम लोगों के लिए पूरी तरह से आवाजाही बंद कर दी। एहतियात के तौर पर हो रही यह बंदी रिंग रोड के पूर्वी-पश्चिमी कारीडोर से उत्तर-दक्षिण कारीडोर तक है।

उधर केंद्र सरकार ने दिल्ली और इसके पड़ोसी राज्यों की पुलिस को आंदोलनकारियों को राष्ट्रीय राजधानी की सीमा पर पहुंचने से पहले ही रोकने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक परामर्श में दिल्ली पुलिस और हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान की सरकारों को जाट प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में पहुंचने से रोकने के लिए धारा 144 लगाने को कहा है। दरअसल, जाट प्रदर्शनकारियों ने नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन करने की धमकी दी है। परामर्श में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में पहुंचने से पहले गिरफ्तार किया जाए या हिरासत में लिया जाए, प्रदर्शनकारियों को ले जाने वाली बसों को राजमार्गो पर आने की अनुमति नहीं दी जाए और ट्रैक्टर ट्राली की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाए। केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कानून व्यवस्था की स्थिति का बुधवार को इन चारों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को प्रदर्शन के दौरान शांति सुनिश्चित करने और जनजीवन में खलल की कोशिशों को रोकने को कहा।

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