scorecardresearch

45 वर्ष से अधिक लोगों के लिए हुआ दूसरी खुराक का इंतजाम, दिल्ली को मिले कोवैक्सीन के 48 हजार से ज्यादा टीके

राजधानी में 18 से 44 आयु वर्ग के लिए लोगों के लिए टीकाकरण अभियान छठे दिन भी स्थगित रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार को टीके नहीं मिल रहे थे, जबकि निजी अस्पताल इस आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने के लिए अत्यधिक दर वसूल कर रहे है।

45 वर्ष से अधिक लोगों के लिए हुआ दूसरी खुराक का इंतजाम, दिल्ली को मिले कोवैक्सीन के 48 हजार से ज्यादा टीके
नई दिल्ली में लाभार्थी को देने से पहले कोविशील्ड की डोज तैयार करती एक हेल्थ वर्कर। बगल में Covishield Vaccine की रेट लिस्ट। (फाइल फोटो)

आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी ने कहा है कि दिल्ली को 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए कोवैक्सीन की शनिवार को 48 हजार से अधिक खुराकें मिलीं और इसका इस्तेमाल ज्यादातर दूसरी खुराक देने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली को शुक्रवार को कोविशील्ड की 83 हजार खुराकें भी मिली थीं।

दिल्ली में 28 मई तक किसी भी आयु वर्ग के लिए कोवैक्सीन की कोई खुराक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने टीकाकरण बुलेटिन जारी करते हुए कहा, ‘‘हमें केंद्र से 45 वर्ष से अधिक के लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों के लिए शुक्रवार को कोवैक्सीन की 48 हजार से अधिक खुराकें मिलीं। उन्होंने कहा, “टीकों की संख्या कम होने के कारण इन खुराकों का ज्यादातर इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाएगा जिन्हें टीके की पहली खुराक दी जा चुकी हैं।”

राजधानी में 18 से 44 आयु वर्ग के लिए लोगों के लिए टीकाकरण अभियान छठे दिन भी स्थगित रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार को टीके नहीं मिल रहे थे, जबकि निजी अस्पताल इस आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने के लिए अत्यधिक दर वसूल कर रहे है।

आतिशी ने कहा, ‘‘ऐसा क्यों है कि निजी अस्पतालों के पास टीके हैं और वे टीके की एक खुराक के लिए 900 रुपए से लेकर 1,400 रुपए वसूल रहे हैं? हम केंद्र से इस आयु वर्ग के लिए टीकों की आपूर्ति करने का आग्रह करते हैं।’’ उन्होंने केंद्र से फाइजर और माडर्ना टीके को मंजूरी नहीं देने पर भी सवाल किया।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि केंद्र से जून में 18-44 आयु वर्ग के लिए दिल्ली को कोविड-19 रोधी 5.5 लाख टीके मिलेंगे और साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार टीकों की वितरण प्रणाली पर ‘‘अड़ियल रवैया’’ अपना रही है।

उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर ‘‘लापरवाही और घोर कुप्रबंधन’’ का भी आरोप लगाया और पूछा कि निजी अस्पतालों को टीके कैसे मिल रहे हैं जबकि राज्यों को कहा जा रहा है कि टीके खत्म हो गए हैं। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदेश की पूरी युवा आबादी को मुफ्त टीके लगाना चाहती है। यदि इसके लिए टीके नहीं हैं तो निजी अस्पतालों में टीके कैसे उपलब्ध हैं? उन्होंने दावा किया कि ये अस्पताल टीके की एक खुराक के लिए एक हजार रुपए तक वसूल रहे हैं।

पढें राज्य (Rajya News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट