उत्तर प्रदेश में तैनात आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। अभी वो जालौन में बतौर एसडीएम पोस्टेड हैं, जहां वो एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। इस बार उन पर आरोप है कि उन्होंने एक ब्लॉक प्रमुख को धक्का दिया और उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की। इसके बाद अब जालौन जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
हालांकि, 2022 बैच के आईएएस अधिकारी और जालौन के एसडीएम राही ने इन आरोपों से इनकार किया है और इन्हें झूठा और गुमराह करने वाला बताया है। यह पूरी घटना 23 जून को हुई थी। हालांकि, यह सब उस वक्त सामने आया जब ब्लॉक प्रमुख और बीजेपी नेता राम राजा निरंजन ने सीसीटीवी फुटेज जारी किया।
निरंजन ने राही पर क्या लगाया आरोप?
जिलाधिकारी को दी गई अपनी शिकायत में, निरंजन ने राही पर उस कोल्ड स्टोरेज सुविधा के निरीक्षण के दौरान गलत बर्ताव करने का आरोप लगाया। इसमें वह एक बड़े हिस्सेदार हैं।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए निरंजन ने बताया कि राही की अगुवाई में एक निरीक्षण टीम मितारा ओरई गांव स्थित कोल्ड स्टोरेज सुविधा पर पहुंची थी। एसडीएम ने पूछा कि क्या वहां कोई कमी है। निरंजन ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि वह परिसर का निरीक्षण करने आए हैं और अगर उन्हें कोई कमी मिलती है, तो हम उसे तुरंत ठीक कर देंगे।”
उन्होंने दावा किया कि इसके बाद एसडीएम ने कर्मचारियों को फायर पंप चालू करने का निर्देश दिया। निरंजन ने आरोप लगाया, “पंप एक चार इंच की पाइपलाइन से जुड़ा है जो लगभग 250 फीट तक पानी ले जाती है, इसलिए लाइन में प्रेशर बनने में स्वाभाविक रूप से कुछ मिनट लगते हैं। इसके तुरंत बाद एसडीएम ने मुझसे ढाई मिनट के अंदर सभी जरूरी दस्तावेज दिखाने को कहा। मैंने उनसे ऑफिस में आने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।”
निरंजन ने बताया कि सुविधा के एक डायरेक्टर, राजेश शुक्ला, फायर पंप के संचालन की देखरेख के लिए गए थे। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें बुलाया और दस्तावेज लाने को कहा, इस बीच, एसडीएम ने अपने मोबाइल फोन पर कार्यवाही रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया और मेरे एक कर्मचारी ने भी निरीक्षण की फिल्मिंग शुरू कर दी। इस दौरान, एसडीएम ने कहा कि ढाई मिनट का समय खत्म हो गया है। मैंने उनसे कहा कि दस्तावेज आ रहे हैं।”
एसडीएम ने थप्पड़ मारने की कोशिश की- निरंजन
निरंजन ने आरोप लगाया, “उस समय एसडीएम ने मुझे थप्पड़ मारने की कोशिश की और मुझे धक्का दिया।” उन्होंने कहा, “सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद है। इसमें यह भी दिखता है कि जैसे ही पाइपलाइन भरी, फायर पंप ने पूरे प्रेशर से पानी छोड़ना शुरू कर दिया।”
निरंजन ने आगे आरोप लगाया कि एसडीएम ने वहां जमा 50 से ज्यादा किसानों और मजदूरों के सामने उन्हें सार्वजनिक तौर पर अपमानित करने के बाद 18 मिनट बाद वापसी की।
सीसीटीवी फुटेज अधूरा- रिंकू सिंह
रिंकू सिंह राही ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि फुटेज अधूरा था और छोटे वीडियो क्लिप के आधार पर कोई नतीजा निकालना गलत होगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण की रिकॉर्डिंग करते समय निरंजन अपना मोबाइल फोन बहुत पास ले आए थे। उन्होंने कहा, “किसी भी अप्रिय घटना या स्थिति से बचने के लिए फोन को बस एक तरफ किया गया था। इसे गलत तरीके से थप्पड़ या शारीरिक हमले के तौर पर दिखाया जा रहा है।”
धक्का देने के आरोप पर राही ने कहा कि निरंजन शारीरिक रूप से बहुत करीब आ गए थे, इसलिए सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा, “तुरंत प्रतिक्रिया बस शारीरिक दूरी बनाने की थी।” बीजेपी जालौन जिला अध्यक्ष उर्विजा दीक्षित ने कहा कि निरंजन पार्टी से जुड़े हैं लेकिन उनके पास कोई संगठनात्मक पद नहीं है।
डीएम राजेश कुमार पांडे ने दो सदस्यीय समिति से जांच के आदेश दिए। पैनल के सदस्य एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट राजीव राज ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख और राही दोनों को नोटिस जारी कर उनके बयान दर्ज करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि समिति सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे आस-पास मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज करेगी।
विवादों से आईएएस रिंकू सिंह राही का पुराना नाता
राही सुर्खियों में रहने से अनजान नहीं हैं। अप्रैल में लखनऊ में राजस्व बोर्ड में तैनात रहने के दौरान, उन्होंने भारत की राष्ट्रपति को पत्र लिखकर तकनीकी इस्तीफा मांगा और अपनी पिछली सेवा में वापसी का अनुरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से फील्ड वर्क से दूर रखा गया था।
सात पन्नों के पत्र में राही ने दावा किया था कि मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था सुधारों का विरोध करती है। उन्होंने चिंता जताई थी कि आईएएस के शुरुआती सालों में सार्थक फील्ड अनुभव से दूर रहने से प्रशासनिक सीख और प्रभावशीलता पर असर पड़ता है। पीडब्ल्यूडी के तहत सिविल सेवा में चुने जाने से पहले राही 2004 बैच के पीसीएस में थे। जब वे मुजफ्फरनगर में सोशल वेलफेयर ऑफिसर के तौर पर तैनात थे, तब उन्होंने सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया था। इसके बाद 2009 में उन पर कई बार गोलियां चलाई गईं और वे बाल-बाल बचे।
बाद में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की और 2023 में आईएएस में शामिल हुए। जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में आईएएस ऑफिसर के तौर पर उनकी पोस्टिंग के पहले ही दिन ऑनलाइन एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में वकीलों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान उन्हें कान पकड़कर उठक-बैठक करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद यूपी सरकार ने उनका तबादला लखनऊ में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में कर दिया।
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भ्रष्टाचार से लड़ाई को लेकर सुर्खियों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के PCS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है। रिंकू राही, अपनी ईमानदार और तेज-तर्रार छवि के लिए चर्चित हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की पड़ताल शुरू की तो उनके पीछे माफिया लग गए। उनपर ऐसा जानलेवा हमला हुआ कि चेहरे का आकार ही बदल गया। 2009 के मार्च में माफियाओं ने उन पर सात गोलियां दागी थीं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
