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यूपी: एससी महिला ने देवर संग मिलकर बेटे को मारा, फिर ब्राह्मण परिवार को फंसा दिया

उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति की एक महिला ने देवर के साथ अपने संबंध को छिपाने के लिए बेटे की हत्या कर दी और इसका आरोप ब्राह्मण परिवार के सदस्यों पर लगा दिया।

Author September 16, 2018 12:42 PM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Photo: Reuters)

उत्तर प्रदेश के मथुरा में पुलिस ने शुक्रवार (14 सितंबर) को  अनुसूचित जाति की एक महिला और उसके देवर को छह वर्षीय बेटे की हत्या और इस मामले में ऊंची जाति के परिवार को फंसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। नौझेल पुलिस स्टेशन के अधिकारी विरेंद्र सिंह ने बताया, “दोनों को मथुरा के स्थानीय अदालत में पेश किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।” जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई को पुलिस ने मथुरा के बेहराही के नजदीक एक सूखे कुंए से छह वर्षीय बच्चे का शव बरामद किया था। बच्चे की पहचान प्रिंस कुमार में रूप में हुई। बच्चे की मां 30 वर्षीय गुड्डी देवी ने एक ब्राह्मण परिवार के पांच सदस्यों के उपर पुरानी दुश्मनी को लेकर बच्चे की हत्या करने का आरोप लगाया। इसके बाद पांच आरोपियों में से एक बच्चू पंडित को 21 अगस्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धारा भी लगाई। पुलिस ने बताया कि, “राज्य सरकार ने बच्चे की मां को आर्थिक सहायता के रुप में 4.12 लाख रुपये भी दिए। गुड्डी देवी ने आरोप लगाया था कि तीन महीने पहले बच्चू के भाई मुकेश को पुलिस ने उसके पति शैलेष की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। बच्चू ने इसका बदला लेने के लिए उसके बच्चे की हत्या कर दी। मुकेश अभी भी जेल में है।”

जांच के दौरान यह पाया गया कि गुड्डी और उसके देवर आकाश (23 वर्षीय) ने बच्चे की हत्या करने का निश्चय किया क्योंकि उसे इन दोनों के संबंध के बारे में पता चल गया था। पुलिस ने बताया कि, “पूछताछ के दौरान गुड्डी देवी और आकाश ने अपने अपराध को कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच अवैध संबंध था। उसके बच्चे प्रिंस ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उन्हें यह डर सताने लगा कि कहीं प्रिंस इस बारे में किसी को बता न दे, इसलिए उसकी हत्या करने का निश्चय किया। 19 जुलाई को गुड्डी की सलाह पर आकाश प्रिंस को कुंए के पास ले गया और रस्सी से गला दबा उसकी हत्या कर दी। शव को कुंए में फेंक दिया।” पुलिस ने आगे बताया कि, “जांच के दौरान स्थानीय लोगों से पता चला कि प्रिंस को आखिरी बार आकाश के साथ देखा गया था। साथ ही उन्हें स्थानीय लोगों से आकाश और गुड्डी के संबंधों के बारे में भी पता चला। जब गुड्डी से पूछताछ की गई तो उसने इस अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकर की।”

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग ने शुक्रवार को मथुरा पुलिस को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। आयोग के अध्यक्ष ब्रिज लाल ने कहा, “इस घटना पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने मथुरा के एसएसपी को गुड्डी देवी और आकाश के उपर ब्राह्मण परिवार के पांच सदस्यों के उपर झूठे मामले में फंसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने मथुरा के जिलाधिकारी से बच्चे की मौत के बाद उसकी मां को दी गई मुआवजे की राशि को वसूलने के बारे में भी पूछा है।” शुक्रवार को पुलिस ने स्थानीय अदालत में बच्चू पंडित की रिहाई को लेकर आवेदन भी दिया है। बच्चू पंडित फिलहाल मथुरा जेल में बंद हैं।

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