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Saibaba Case में सुप्रीम कोर्ट का आदेशः बॉम्बे हाइकोर्ट नें हाजिर हों अरुंधति रॉय

सुप्रीम कोर्ट ने प्रख्यात लेखिका अरुंधती रॉय के खिलाफ बांबे हाईकोर्ट के अपराधिक अवमानना नोटिस पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।

Author नई दिल्ली | January 23, 2016 1:03 AM
सुप्रीम कोर्ट का आदेशः बॉम्बे हाइकोर्ट नें हाजिर हों अरुंधति रॉय

सुप्रीम कोर्ट ने प्रख्यात लेखिका अरुंधती रॉय के खिलाफ बांबे हाईकोर्ट के अपराधिक अवमानना नोटिस पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। अरुंधती रॉय ने एक साप्ताहिक पत्रिका में लिखे लेख में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीएन साईबाबा को लगातार जेल में रखने पर सवाल उठाया था। शीर्ष अदालत ने अरुंधती रॉय को हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के एकल न्यायाधीश के समक्ष 25 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट देने से भी इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की पीठ ने अरुंधती रॉय को सोमवार को अदालत में पेश होने का निर्देश देते हुए हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए। लेखिका की ओर से जब वरिष्ठ वकील चंदर उदय सिंह ने उनके व्यक्तिगत रूप से पेश होने पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उसके पुतले जलाए जा रहें हैं तो अदालत ने कहा कि सारे मामले पर विचार के बाद ही आदेश दिया जा रहा है। पीठ ने कहा,‘आपको अदालत में पेश होने में किसी प्रकार का भय नहीं होना चाहिए। आप जाइए और पेश होइए। हम यहां हैं। हमने नोटिस जारी किया है और हम इस पर गौर कर रहे हैं। हमने सावधानी पूर्वक इस पर विचार किया है।’

इसके बाद एक बार फिर रॉय के वकील ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेशी से छूट देने का अनुरोध किया। इस पर पीठ ने कहा, ‘हम न तो आपको इसकी अनुमति दे रहे हैं और न ही इससे इनकार कर रहे हैं।’ बांबे हाईकोर्ट ने साईबाबा की गिरफ्तारी और उनकी जमानत याचिका रद्द होने के संदर्भ में व्यक्त किए गए विचारों को लेकर पिछले साल 23 दिसंबर को रॉय को अवमानना का नोटिस जारी किया था।

गढ़चिरौली पुलिस ने सितंबर 2014 में साईबाबा को माओवादियों से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था। बांबे हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य आधार पर उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। लेकिन 23 दिसंबर 2015 को बांबे हाई कोर्ट के नागपुर पीठ ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर उन्हें 48 घंटे में आत्मसमर्पण के लिए कहा था। साईबाबा ने 26 दिसंबर को नागपुर जेल के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।

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