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लालू प्रसाद यादव को कोर्ट से लगातार लग रहे झटके, पर बेटे को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद थे। अचानक उनकी जेल में तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें रांची के ही रिम्स अस्पताल के सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक में भर्ती कराया गया था। अब खबर आ रही है कि उनकी दाहिनी किडनी में स्टोन (पथरी) की समस्या है। लालू को इससे पहले खांसी की शिकायत थी।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में तेज प्रताप यादव को क्लीन चिट दे दी है। (फोटोः फेसबुक)

बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के कई मामलों के दोषी पाए गए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुखिया लालू प्रसाद यादव को लगातार झटके लग रहे हैं। ऐसे वक्त में उनके बड़े बेटे को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गुरुवार (22 मार्च) को सीवान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में तेज प्रताप यादव को क्लीन चिट दे दी। राजद नेता के खिलाफ चल रही कार्यवाही इसी के साथ बंद कर दी गई है। कोर्ट में रंजन की पत्नी आशा रंजन ने इस मामले में कार्रवाई को लेकर याचिका दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। गौरतलब है कि दो आरोपियों मोहम्मद कैफ और जावेद के साथ राजद नेता का एक फोटो वायरल हुआ था, जिसके बाद आशा ने पति की हत्या में तेज प्रताप के भी शामिल होने की आशंका जाहिर की थी।

आपको बता दें कि लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद थे। अचानक उनकी जेल में तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें रांची के ही रिम्स अस्पताल के सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक में भर्ती कराया गया था। अब खबर आ रही है कि उनकी दाहिनी किडनी में स्टोन (पथरी) की समस्या है। लालू को इससे पहले खांसी की शिकायत थी। गुरुवार (22 मार्च) को बिहार के पूर्व सीएम सहित आठ दोषियों की चारा घोटाले के मामले में सुनवाई हुई। लालू के वकील ने इस दौरान उन्हें कम से कम सजा देने के लिए कहा। अधिवक्ता प्रभात कुमार बोले, “सर वह (लालू) बहुत बीमार। कृपया उनकी सजा कम कर दें।”

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस ए.एम खानविल्कर और डी.वाई.चंद्रचूड़ की बेंच ने माना कि सीबीआई ने राजद नेता के खिलाफ कोई भी ऐसा सबूत नहीं पाया है, जो साबित कर सके कि वह दोषी हैं। बेंच ने इसी के साथ बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ कोर्ट में चल रही कार्यवाही को बंद करने के लिए भी कहा। 13 मई 2016 में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। इससे पहले सीबीआई ने जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी थी। तब सीबीआई तेज प्रताप की मो.कैफ और जावेद संग फोटो की जांच-पड़ताल में जुटी थी।

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