लखनऊ में शनिवार को यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सवर्ण मोर्चा नामक संगठन की ओर से किया गया। यूजीसी के नए नियमों के मामले में देश भर में कई जगहों पर प्रदर्शन हो चुके हैं।
समाज का एक वर्ग इन नियमों का समर्थन कर रहा है जबकि दूसरे वर्ग का कहना है कि इन नियमों को लागू नहीं किया जाना चाहिए। सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जो पोस्टर हाथ में लिए थे उनमें लिखा था- ‘सवर्ण समाज का अपमान नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे’।
प्रदर्शनकारी लखनऊ में परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा की ओर जाना चाहते थे लेकिन केडी बाबू स्टेडियम के पास ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। लखनऊ के मोहनलालगंज में श्रीराजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह दीपू को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। मोर्चा के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान परिवर्तन चौक पर लंबा जाम लग गया।
बैरिकेडिंग पर चढ़ गए कार्यकर्ता
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई हुई थी लेकिन सवर्ण मोर्चा के कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और उन्हें रोकने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को बस में भरकर दूर ले गई।
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग बीजेपी से छिटक चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने लगा दी थी रोक
यूजीसी के नए नियमों का यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था और कोर्ट ने पिछले महीने इन नियमों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी छात्रों के एक वर्ग की ओर से लखनऊ विश्वविद्यालय में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया गया था।
डीयू में हुआ था बवाल
बीते दिनों दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के नए नियमों को लेकर प्रदर्शन के दौरान बड़ा विवाद हो गया था। इस दौरान एक महिला यूट्यूबर रुचि तिवारी ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कुछ प्रदर्शनकारियों पर उनके साथ मारपीट और छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
