ताज़ा खबर
 

Rajasthan: गहलोत सरकार का फैसला- स्कूल की किताबों में वीडी सावरकर अब ‘वीर सावरकर’ नहीं कहलाएंगे

ताजा मामला राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी कि किताबों में किया गया है। जिसमें वीडी सावरकर (वीर सावरकर) के नाम के आगे से 'वीर' शब्द को हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि कक्षा 12वीं की इतिहास की किताब में सावरकर की भूमिका में संशोधन किया गया है।

वी डी सावरकर (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

राजस्थान में कार्यभार संभालने के छह महीने के भीतर ही अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने राज्य बोर्ड के बाद के छात्रों के लिए स्कूल पाठ्य पुस्तकों में कई बदलाव किए हैं। संशोधन ऐतिहासिक घटनाओं, व्यक्तित्वों और एनडीए सरकार द्वारा अपने पहले कार्यकाल में लिए गए निर्णयों से संबंधित हैं। ताजा मामला राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी कि किताबों में किया गया है। जिसमें वीडी सावरकर (वीर सावरकर) के नाम के आगे से ‘वीर’ शब्द को हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि कक्षा 12वीं की इतिहास की किताब में सावरकर की भूमिका में संशोधन किया गया है।

दरअसल, राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) के लिए छपी पुस्तकें राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक बोर्ड (RSTB) द्वारा बाजार में वितरित की गई हैं। यह परिवर्तन इस वर्ष 13 फरवरी को गठित पाठ्यपुस्तक समीक्षा समिति द्वारा की गई सिफारिशों के बाद किया गया था जिससे यह अध्ययन किया जा सके कि राजनीतिक हितों की पूर्ति और इतिहास को विकृत करने के लिए स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में पहले बदलाव किए गए थे या नहीं।

बता दें कि राजस्थान में नई किताब में अब वीर सावरक का नाम विनायक दामोदर सावरकर है। जिसमे लिखा गया है कि कैसे जेल में बंद होने के दौरान सावरकर ने अंग्रेजों को चार बार दया याचिका के लिए पत्र लिखा। यही नहीं दूसरी दया याचिका में उन्होंने खुद को पुर्तगाली बताया और साावरकर ने भारत को हिंदू देश बनाने की दिशा में काम किया। इस किताबों में यह भी लिखा है कि सावरकर ने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया और पाकिस्तान के गठन का भी विरोध किया था।

नई छपी किताबों में सावरकर के बारे में कई ऐसी चीजें लिखी गईं हैं जिको लेकर राजनीति तेज हो सकती है। इसमें बताया गया है कि कैसे सावरकर को 30 जनवरी 1948 में गांधी की हत्या के बाद गोडसे को उनकी हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उनपर केस चला, बाद में उन्हें इस मामले से बरी कर दिया गया। नई किताबों में महाराणा प्रताप और अकबर के बीच युद्ध का भी नए तरीके से जिक्र है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Acute Encephalitis Syndrome: बिहार में 60 बच्चों की मौत पर बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे- भूखे पेट लीची खाने से हो रहा इन्सेफ्लाइटिस
2 VIDEO: चैनल ने दिखाई खबर तो आगबबूला हुए बीजेपी विधायक, पत्रकार को दी गोली मारने की धमकी
3 West Bengal में डॉक्टरों पर हमले से दिल्ली में नाराजगी, एम्स के डॉक्टरों ने सिर पर पट्टी बांधकर जताया विरोध, कहा- कल करेंगे काम का बहिष्कार