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सौराष्ट्र और कच्छ के 468 गांव सूखाग्रस्त घोषित

राज्य के राजस्व विभाग द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार सूखा प्रभावित घोषित किए गए 468 गांवों में से 301 गांव कच्छ जिले में, 64 पोरबंदर में, 56 जामनगर में और 47 गांव देवभूमि द्वारका जिले में हैं।

Author अमदाबाद | April 21, 2016 3:09 AM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

गुजरात सरकार ने सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के अन्य 468 गांवों को ‘आंशिक रूप से सूखा प्रभावित’ घोषित कर दिया है। अब राज्य में जल संकट का सामना कर रहे ऐसे गांवों की कुल संख्या करीब 1000 हो गई है। इस माह के शुरू में 526 गांवों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने मंगलवार को जारी अधिसूचना के जरिये इस सूची में 468 गांवों को और शामिल कर दिया। अब ऐसे गांवों की कुल संख्या 994 हो गई है।

राज्य में अल्प वर्षा की वजह से प्रभावित गांवों को सूखाग्रस्त घोषित करने में देर को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद सरकार ने यह कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट ने सूखे की स्थिति पर हलफनामा देने के बजाय एक नोट पेश करने पर मंगलवार को भी गुजरात सरकार को फटकार लगाई और 21 अप्रैल तक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा ‘आपने हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया? चीजों को हल्के तौर पर मत लीजिए, आप गुजरात हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप जो चाहें कर सकते हैं।’

राज्य के राजस्व विभाग द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार सूखा प्रभावित घोषित किए गए 468 गांवों में से 301 गांव कच्छ जिले में, 64 पोरबंदर में, 56 जामनगर में और 47 गांव देवभूमि द्वारका जिले में हैं। इससे पहले राज्य सरकार ने तीन जिलों के 526 गांवों को आंशिक रूप से सूखा प्रभावित घोषित किया था। इन 526 गांवों में से 157 गांव राजकोट के, 288 गांव जामनगर के और 82 गांव देवभूमि द्वारका जिले के हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ासमा ने आश्वासन दिया कि सरकार इन गांवों में पर्याप्त पानी और पशुओं का चारा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। चूड़ासमा जलसंकट के आकलन के लिए गठित मंत्रियों की उपसमिति के प्रमुख हैं।

उन्होंने कहा ‘इन गांवों को प्राथमिकता के आधार पर हर आवश्यक मदद मुहैया कराई जाएगी। सरकार इन गांवों में कुओं को रीचार्ज करेगी और नए हैंड पंप और बोरवेल लगवाएगी ताकि जल संकट से लोगों को राहत मिल सके। अगर कुछ भी कारगर नहीं रहा तो हम टैंकरों के जरिये पानी मुहैया कराएंगे।’ राज्य के जलापूर्ति मंत्री विजय रूपाणी ने आश्वासन दिया है कि 15 जून तक लोगों को कोई समस्या नहीं होगी। अनुमान है कि 15 जून तक गुजरात में बारिश शुरू हो जाएगी।

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