ताज़ा खबर
 

सत्यजीत रे फिल्म संस्थान का गतिरोध थमा, छात्रों ने खत्म की भूख हड़ताल

उल्लेखनीय है कि यहां की 14 छात्राओं ने नवनिर्मित छात्रावास में स्थानांतरित होने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद संस्थान ने कार्रवाई करते हुए इन 14 छात्राओं को संस्थान से निष्कासित कर दिया।

Author कोलकाता | October 31, 2017 9:38 PM
दरअसल 14 छात्राओं ने नवनिर्मित छात्रावास में स्थानांतरित होने से इंकार कर दिया था। (Express photo)

सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) में छात्रों और प्रबंधन के बीच करीब दो हफ्तों से जारी गतिरोध मंगलवार को खत्म हो गया। प्रबंधन द्वारा 14 छात्राओं के निष्कासन का आदेश रद्द किए जाने का औपचारिक नोटिस जारी होने के बाद छात्रों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। इसके साथ ही छात्र आज लड़के और लड़कियों को अलग-अलग हॉस्टलों में समायोजित करने के मुद्दे पर सहमत हो गये। उल्लेखनीय है कि यहां की 14 छात्राओं ने नवनिर्मित छात्रावास में स्थानांतरित होने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद संस्थान ने कार्रवाई करते हुए इन 14 छात्राओं को संस्थान से निष्कासित कर दिया।

17 अक्तूबर को संस्थान के कुछ छात्रों ने छात्राओं के निष्कासन के विरोध में प्रदर्शन किया था। शनिवार रात से ही छात्र क्रमिक भूख हड़ताल पर थे। छात्र लड़कियों का निष्कासन रद्द करने की मांग कर रहे थे। निष्कासित की गई 14 लड़कियों में से एक रूपकथा पुरकायस्थ ने पीटीआई को बताया, ‘‘14 लड़कियों के निष्कासन को औपचारिक रूप से रद्द किए जाने की हमारी मांग को प्रबंधन द्वारा माने जाने के बाद हमनें क्रमिक भूख हड़ताल खत्म कर दी है। हम पहले ही लड़कियों के नये छात्रावास की इमारत में शिफ्ट हो चुके हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कक्षाएं मंगलवार को बहाल हो गईं और हम सभी ने फैसला किया कि संस्थान भी बुधवार से सामान्य रूप से कामकाज करेगा।’’

इससे पहले एसआरएफटीआई के छात्र संगठन के अध्यक्ष अक्षय गौरी ने प्रेट्र से कहा था कि कल शाम के बाद कुछ सकारात्मक बदलाव हुए थे। एसआरएफटीआई की निदेशक देबमित्रा मित्रा ने बताया, ‘‘हां, बातचीत सार्थक रही और गतिरोध हल हो गया है। 14 लड़कियों ने अपने शुरुआती विरोध को लेकर कारण बताते हुए औपचारिक खत दिया है और हमनें उसे स्वीकार कर लिया है। उनके निष्कासन आदेश को रद्द किये जाने की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।’’

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App