Delhi Satya Niketan Building Collapse: इमारत के मलबे में तब्दील होने से महज 15 मिनट पहले मोतीलाल नेहरू कॉलेज का बीए फर्स्ट ईयर का छात्र सना वरश उसके अंदर ही था। पश्चिम बंगाल के अलीपुरदुआर जिले के फलाकाटा का रहने वाला यह युवक उस इमारत में रहने वाले कई छात्रों में से एक था। वह तीसरी मंजिल पर दो कमरों वाले एक फ्लैट में रह रहा था।

एम्स मेट्रो स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर बैठे, ट्रॉमा सेंटर में इलाज करा रहे अपने दोस्तों की खबर का इंतजार करते हुए, वरश को याद आया कि रविवार को दोपहर के आसपास जब वह उठा तो उसने पाया कि पानी की आपूर्ति नहीं थी। इसलिए उसने पास ही में रहने वाले एक दोस्त के घर जाकर नहाने का फैसला किया। उस फैसले ने उनकी जान बचा ली।

क्या इमारत गिर जाएगी- वरश

वरश ने कहा, “सुबह से ही मुझे तहखाने से कुछ आवाजें सुनाई दे रही थीं।” उसे याद आया कि उसने डर के मारे और हफ्तों से चल रहे मजाक के तौर पर अपने एक दोस्त से पूछा था, “क्या इमारत गिर जाएगी?” उसने कहा कि उसके दोस्त ने उसकी बातों को हंसकर टाल दिया।

लेकिन वरश का डर निराधार नहीं था। उन्होंने कहा कि कमरों का जीर्णोद्धार तो हाल ही में हुआ था, लेकिन इमारत पुरानी थी। उन्होंने बताया कि तीसरी मंजिल पर बने उनके कमरे तक जाने वाली सीढ़ियां बेतरतीब ढंग से बनी हुई लगती थीं, संकरी, जर्जर और सीलन भरी थीं। उन्होंने कहा, “मैं अपने दोस्तों से कहा करता था कि एक दिन मैं इन्हीं सीढ़ियों से गिरकर मर जाऊंगा।”

कमरे का किराया 14000 रुपये महीने का था

उसने बताया कि हर मंजिल पर दो फ्लैट थे। वे अपने कमरे का मासिक किराया 14000 रुपये देते थे (बिजली बिल अलग से) और अपने फ्लैटमेट्स के साथ एक साझा बाथरूम इस्तेमाल करते थे। उन्होंने बताया कि हर कमरे में दो बैड, दो अलमारी, दो कुर्सियां और दो मेज रखने की भी मुश्किल से जगह थी। उन्होंने कहा, “यह 14000 रुपये के लायक बिल्कुल नहीं था। मेरे पिता एक इलेक्ट्रीशियन हैं और ये खर्चे पहले से ही मेरे परिवार के लिए बहुत ज्यादा हैं।”

उसने कहा, “मुझे नहीं पता कि हमें हमारी जमा राशि वापस मिलेगी या नहीं।” उसका सारा सामान अब मलबे के नीचे दब गया है। उसका लैपटॉप, हेडफोन, कपड़ों से भरे दो सूटकेस और उसके सभी दस्तावेज भी इनमें शामिल है।

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 दिल्ली में रविवार दोपहर 1.30 बजे एक पांच मंजिला इमारत गिर गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। 12 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। मलबे के नीचे करीब 40-50 छात्रों के फंसे होने की आशंका है। बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहा है और इसमें डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, सीटीएस और सिविल डिफेंस की टीमें शामिल हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…