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सरपंचों ने सरकारी योजनाओं में असहयोग की धमकी दी

संघ का कहना है कि सरकार आदेश को वापस ले। संघ ने चेतावनी दी है कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो सरकार की पंचायतों में लागू योजनाओं में असहयोग करेंगे।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (पीटीआई फाइल फोटो)

राजस्थान में सरकार के महात्मा गांधी रोजगार योजना मनरेगा में दिए गए आदेशों को लेकर सरपंचों में नाराजगी है। सरपंच संघ का कहना है कि सरकार आदेश को वापस ले। संघ ने चेतावनी दी है कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो सरकार की पंचायतों में लागू योजनाओं में असहयोग करेंगे। इसमें मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन जैसी योजना भी है।

प्रदेश के सरपंच संघ के सरकारी योजनाओं में मदद नहीं करने की चेतावनी के बाद सरकार में खासी हलचल मच गई है। प्रदेश में इन दिनों मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना जोर शोर से चल रही है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस योजना को सफल बनाने के लिए पूरी प्रशासनिक मशीनरी के साथ ही भाजपा संगठन को भी इससे जोड़ रखा है। योजना की हाल में मुख्य सचिव ने समीक्षा की थी उसमें जिला कलेक्टरों की ढिलाई पर भी नाराजगी जताई थी। सरपंच संघ के आंदोलन शुरू करने से इस योजना के ठप होने के आसार बनने के बाद ही ग्रामीण विकास और पंचायतराज मंत्री सुरेंद्र गोयल सक्रिय हो गए हैं। राजस्थान सरपंच संघ का कहना है कि प्रदेश की 9 हजार 894 ग्राम पंचायतों के सरपंच सरकार के आदेश से खासे खफा है।

राजस्थान सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष भंवरलाल जानू ने बताया कि सरकार को मांग मानने के लिए 24 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है। संघ ने पंचायतराज मंत्री को अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पंचायतराज मंत्री सुरेंद्र गोयल से मिल कर अपनी समस्याओं की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित भी किया है। संघ ने साफ कहा कि 24 फरवरी तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो सरकारी योजनाओं का बहिष्कार किया जाएगा। संघ के अध्यक्ष जानू का कहना है कि मुख्यमंत्री और वित्त विभाग के आदेशों के बावजूद मनरेगा आयुक्त ने मनरेगा के कामों के टेंडर करवाने का आदेश दिया है। यह सरकार की मंशा के विपरीत है।

सरपंच संघ ने मंत्री से मनरेगा आयुक्त को फौरन हटाने की मांग भी की है। संघ का कहना है कि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो आगामी एक मार्च को विधानसभा पर प्रदर्शन और धरना दिया जाएगा। प्रदेश के नाराज सरपंच विधानसभा का घेराव भी करेंगे। दूसरी तरफ पंचायतराज मंत्री सुरेंद्र गोयल का कहना है कि इस मामले को सरकार पूरी गंभीरता से देख रही है। सरकार सकारात्मक तरीके से सरपंचों की समस्याओं को हल करने की कोशिश में लगी है।

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