तमिलनाड के कोयंबटूर स्थित एक गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 44 बच्चे बीमार पड़ गए। इन बच्चों को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अस्पताल में बच्चों को देखने के बाद कोयंबटूर निगम आयुक्त एम शिवगुरु प्रभाकरन ने बताया कि सभी छात्रों की हालत स्थिर है और वो सुरक्षित हैं।
कोयंबटूर निगम आयुक्त एम शिवगुरु प्रभाकरन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मिड-डे मील बनाने के दौरान खाने में छिपकली गिरने की संभावना जताई गई है। खाना खाने के बाद बच्चों ने उल्टी करना शुरू कर दिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में पांच डॉक्टरों, एक डीन और एक नर्सिंग टीम बच्चों की लगातार निगरानी कर रही है। अस्पताल से एक अभिभावक अपने बच्चे को घर ले गए, उनसे बच्चे को ईलाज के लिए आपस अस्पताल लाने के लिए कहा गया है।
प्रिंसिपल से की जा रही पूछताछ
एक अन्य सवाल के जवाब में निगम आयुक्त ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल से भी पूछताछ की जा रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बीमार बच्चों के माता-पिता को कथित तौर पर अस्पताल में एंट्री नहीं दी गई। वे स्कूल के शिक्षकों और अस्पताल के स्टाफ के साथ बहस करते देखे गए।
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छत्तीसगढ़ के स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों पर राज्य सरकार ने मुकदमा दर्ज कर दिया है। मुकदमा दर्ज करने के पीछे वजह यह है कि लगभग 500-600 रसोइयों ने न्यू रायपुर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था लेकिन पुलिस ने उन पर सड़क पर धरना देने और ट्रैफिक जाम करने के आरोप में मामला दर्ज कर दिया। रसोइयों की मांग है कि उनकी हर दिन की मजदूरी को 66 रुपये से बढ़कर कम से कम 261 रुपये किया जाए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
