ताज़ा खबर
 

शारदा चिटफंड घोटालाः कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार ने किया सरेंडर, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

शारदा चिटफंड घोटाला वर्ष 2013 में तब उजागर हुआ था जब कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार बिधाननगर के पुलिस आयुक्त थे। गौरतलब है कि सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर कुमार से शिलांग में मामले के सिलसिले में पांच दिन तक पूछताछ की थी।

Author कोलकाता | Updated: October 3, 2019 6:10 PM
कोलकाता पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार (सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

Sarda Chit Fund Scam: करीब तीन हफ्ते बाद सार्वजनिक रूप से नजर आए कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने गुरुवार (03 अक्टूबर) को शारदा चिटफंड घोटाला मामले में अलीपुर अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसने 50-50 हजार रुपये की दो जमानत राशियों पर उन्हें जमानत दे दी। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार (01 सितंबर) को कुमार को अग्रिम जमानत दे दी थी। बता दें कि कुमार फिलहाल पश्चिम बंगाल के अपराध अन्वेषण विभाग में अतिरिक्त महानिदेशक पद पर तैनात हैं।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण कियाः मामले में उल्लेख करते हुए कोर्ट ने कहा कि हिरासत में लेकर उन्हें पूछताछ के लिए उचित मामला नहीं है। बता दें कि उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने कहा था कि कुमार को अगर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गिरफ्तार किया जाता है तो उन्हें उचित अदालत द्वारा 50-50 हजार रुपए की दो जमानत राशियों पर तत्काल रिहा करना होगा। गौरतलब है कि कुमार के वकील गोपाल हलदर ने बताया कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने गुरुवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुब्रत मुखर्जी के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक उन्हें जमानत दे दी गई।

National Hindi News LIVE News 03 October 2019: दिनभर की बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

सीबीआई ने कुमार की तलाश में की थी कई छापेमारीः केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने कुमार की तलाश में बीते तीन हफ्तों में कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में कुछ ठिकानों पर छापेमारी की थी। बता दें कि उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने कुमार को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने वाले अपने अंतरिम आदेश को 13 सितंबर को वापस ले लिया था जिसके बाद से उनका पता नहीं चल रहा था। शारदा समूह की कंपनियों ने कथित तौर पर लाखों लोगों को उनके निवेश पर उच्च लाभ का झांसा देकर करीब ढाई हजार करोड़ रुपए का चूना लगाया था।

2014 से मामला सीबीआई के हाथ में हैः बता दें कि आईपीएस अधिकारी कुमार बंगाल सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल का हिस्सा थे। उच्चतम न्यायालय ने 2014 में चिट फंड से जुड़े दूसरे मामलों के साथ ही इस मामले की जांच भी सीबीआई को सौंप दी थी। वहीं यह घोटाला वर्ष 2013 में तब उजागर हुआ था जब कुमार बिधाननगर के पुलिस आयुक्त थे। गौरतलब है कि सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर कुमार से शिलांग में मामले के सिलसिले में पांच दिन तक पूछताछ की थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App। जनसत्‍ता टेलीग्राम पर भी है, जुड़ने के ल‍िए क्‍ल‍िक करें।

Next Stories
1 हवा की रफ्तार से दौड़ी Delhi-Katra वंदे भारत एक्सप्रेस, सामने आया ट्रेन का ये शानदार VIDEO
2 Video: गांधी जयंती पर बापू की प्रतिमा के आगे फूट-फूट कर रोए सपा नेता, लोग बोले- नौटंकी है
ये पढ़ा क्या?
X