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संजय राउत बोले- हम क्‍या नामर्द हैं, शिवसैनिकों ने शिंदे समर्थक तानाजी सावंत के दफ्तर में की तोड़फोड़

शिवसेना एक आग है जो लगातार जलती रहती है हमें इस आग को बनाए रखना है इसे राख नहीं होने देना है। ये बाला साहेब ने हमें कहा था। इस आग को जलाए रखने के लिए इसमें कुछ डालते भी रहना है ताकि वो बनी रहे।

Sanjay Raut| Shiv Sena| Maharashtra Politics
शिवसेना नेता संजय राउतः Photo Credit- Express Archives

महाराष्ट्र में सियासी तूफान का आज लगातार पांचवां दिन है। आज महाराष्ट्र के डिप्टी स्पीकर 16 बागी विधायकों को नोटिस देंगे।जब संजय राउत से तानाजी सावंत के दफ्तर में तोड़ फोड़ पर महाराष्ट्र के लॉ एंड ऑर्डर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, क्या होती है कानून व्यवस्था? महाराष्ट्र में तो सबकुछ ठीक है लॉ एंड ऑर्डर की बात करें या फिर शांति व्यवस्था की बात हो सबकुछ ठीक है यहां तो। लोगों का गुस्सा है देखिए अग्निवीर हैं नाराजगी में सड़क पर उतर गए। ये जनता है, पब्लिक है अगर इन्हें कोई चीज पसंद नहीं आती है तो ये सड़कों पर उतर जाते हैं। चाहे महाराष्ट्र हो चाहे गुजरात, चाहे बिहार हो याहे यूपी हो या फिर चाहे जम्मू-कश्मीर हो।

आप पब्लिक के आक्रोश को रोक नहीं सकते हैं। अब उनको ये कहना कि कानून है या कानून के खिलाफ है आप ऐसा जामा उसे नहीं पहुंचा सकते हैं। कार्यकर्ता पब्लिक नहीं है क्या इन्हीं कार्यकर्ताओं ने आपको चुना है। आप शिवसेना के उम्मीदवार बने शिवसेना ने आपको टिकट दिया। कार्यकर्ताओं ने आपको जिताने के लिए खून पसीना बहाया सबकुछ दिया पैसा भी दिया चुनने के लिए आपको विधायक बनाया और अब आप भाग जाते हो तो कार्यकर्ता तो गुस्से में होगा ही। और शिवसेना के कार्यकर्ता का गुस्सा तो आपने देखा है पहले भी आज कोई नया थोड़े ही है।

56 सालों से शिवसेना की ताकत रहा है गुस्सा
56 साल से शिवसेना की जो ताकत है ये गुस्सा ही तो है। हम लोग जो जीते मरते हैं सांस लेते हैं हर सांस में हमारा गुस्सा होता है। मैंने क्या कहा कल कि आप मुंबई में आइए ये अल्टीमेटम की बात नहीं है, मैंने कहा आप हमारे घर से हैं, आप हमारे बच्चे हैं, दोस्त हैं, भाई हैं। आप सूरत में भागते हो, गुवाहाटी में भागते हो और अब मुझे किसी ने बताया कि गोवा में जा रहे हो। ये दर-दर की ठोकरे खाने की जरूरत क्या है? आप घर में आइए हमसे बात करिए उद्धव ठाकरे साहब बैठे हैं आपसे बात करने के लिए। आपके साथ पार्टी ने और उद्धव जी ने क्या गलत किया है आप मुझे बताइए?

आप हमारे विधायकों को किडनैप करोगे तो क्या हम नामर्द हैं?
देखो अगर आप हमारे विधायकों को इस तरह से किडनैप करेंगे आप उनकी पूरी व्यवस्था करेंगे, आपके लोग वहां बैठेंगे उनकी सिक्योरिटी के लिए मैं देख रहा हूं मेरे पास फोटो है। यहां से गुवाहाटी तक सब कुछ करेंगे और हम अपना गुस्सा भी नहीं निकालेंगे तो कैसा होगा? तो हम क्या नामर्द हैं हम नामर्द नहीं हैं। क्या होगा सत्ता चली जाएगी ज्यादा से ज्यादा और क्या होगा? सत्ता जाती है और सत्ता आती भी है किसने कहा है कि 2024 में मोदी जी आएंगे आ भी सकते हैं और नहीं भी आ सकते हैं। फडणवीस साहब को लगा था क्या कि सत्ता जाएगी 106 विधायक लेकर बैठे हुए थे लेकिन सत्ता चली गई। ये सत्ता और बहुमत ये बड़े चंचल होते हैं।

ठाकरे के नाम पर जिंदा है शिवसेना
हंसते हुए … ठाकरे … ये आते हैं लोग चले जाते हैं। छगन भुजबल भी, नारायण राणे भी और भी … शिवसेना सिर्फ ठाकरे नाम पर जिंदा है और शिवसेना की आत्मा ठाकरे नाम से जुड़ी है। ये शिंदे, राणे, भुजबल जी बहुत लोगों ने कोशिश की लेकिन जमीन से जुड़े हुए जो लोग हैं जो कार्यकर्ता हैं। वो हमेशा बाला साहेब ठाकरे का ही जयजयकार करेंगे। और हम बाला साहेब ठाकरे का भक्त हैं…. भक्त हैं तो भक्ति करो मंदिर बनाओ उनका पार्टी को हाईजैक करने की कोशिश करेंगे तो तलवार से तलवार भिड़ेगी और बंदूक से बंदूक भिड़ेगी। मैं धमकी नहीं दे रहा हूं मैं बात कर रहा हूं हमारी जो वाणी है वो तलवार ही है ना , हमारी सब की भाषा और बाला साहेब की भाषा उनके शब्द भी तलवार और गोली जैसे थे। बाला साहब बोलते थे तो कहते थे मैं जो बोलता हूं वो बंदूक की गोली की तरह से है एक बार छूट गया तो वापस नहीं आएगा।

पार्टी का एक ही बॉस है… ठाकरे
ऐसा होता है क्या? ऐसा कभी होता है मुंबई में महाराष्ट्र में… बहुत लोगों को हमने देखा जब नारायण राणे ने पार्टी छोड़ी थी तब भी आप लोग यही कहते थे उसके पहले जब भुजबल ने छोड़ी थी तब भी आप लोग यही कहते थे। पार्टी खड़ी है पार्टी बढ़ गई है पार्टी के 18-20 सांसद हैं। सबकुछ ठीक चलता है लेकिन लोगों के दिमाग में हवा आ जाती है कि मैं अभी बहुत बड़ा नेता हो गया हूं। नेता तो हो तुम पार्टी के बल पर शिवसेना जो है चार शब्द चमत्कार के ये चमत्कार ही है कि आप मंत्री बनते हो आपके पास बड़े-बड़े पोर्टफोलियो आते हैं फिर आपके पास पैसा आता है धन आता है जिससे आप पार्टी के विधायकों को खरीद लेते हो अपनी पार्टी के ही और उनको गुलाम बना लेते हो और कहते हो मैं पार्टी का बॉस हूं… पार्टी का एक ही बॉस है ठाकरे। जिसका नाम ठाकरे है वही पार्टी का बॉस है। मैं नहीं तो कोई नहीं।

शिवसेना सुपर पॉवर है, थी और रहेगी
महाराष्ट्र की सुपर पॉवर शिवसेना है शिवसेना सत्ता में है इसलिए सुपर पावर नहीं है जब हमारे पास कुछ भी नहीं था सत्ता का एक इंच भी नहीं था तब भी हम सुपर पॉवर थे और आगे भी रहेंगे। सत्ता है, पुलिस है, एजेंसीज हैं इसलिए कोई सुपर पॉवर नहीं बन जाता है, सुपर पावर बनने के लिए हिम्मत चाहिए अंदर से… लड़ने की उसे हम सुपर पॉवर कहते हैं ऐसे लाखों लोग हैं। जिनका कलेजा शेर का है वो सुपर पावर है जो हमारे पास है।

फडणवींस साहब हमारे अंदरूनी मामलों से दूर रहें तो ही अच्छा है
हमारे पास उससे भी ज्यादा है 56 इंच से भी ज्यादा। मैं फडणवींस साहब को इतना ही आह्वान करूंगा कि आप इस झमेले में मत पड़ो। आप एक बार धोखा खा चुके हो आपकी प्रतिष्ठा के ऊपर प्रश्नचिन्ह लग चुका है। आप विपक्ष के नेता हो आप बड़े नेता हो ये हमारा अंदरूनी मामला है अगर आप इस झमेले में पड़ेंगे तो सबसे ज्यादा तकलीफ आपको होगी। शिंदे गुट के समर्थक शिवसेना के विधायक तानाजी सावंत के बारे में जब रिपोर्टर ने पूछा तो संजय राउत ने बहुत भद्दे शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि कैसा दबदबा वाला नेता ऐसे नेता को हम कपड़े उताकर सड़क पर घुमाते हैं।

शिवसेना एक आग है जो जलती रहनी चाहिए
महाराष्ट्र में ऐसा नहीं चलेगा ये लोगों का गुस्सा है, गुस्सा रहेगा और गु्स्सा रहना भी चाहिए। आग है शिवसेना और हम इस आग को कभी बुझने नहीं देते हैं। ये बाला साहेब ठाकरे जी ने हमको कहा है। ये राख नहीं होनी चाहिए शिवसेना ये आग ही रहनी चाहिए। और उस आग को जलते रहने के लिए आपको जो कुछ भी डालना है वो डालते रहिए ताकि वो आग बनी रहे।

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