संभल के जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को नरौली इलाके में सरकारी जमीन पर बने गैर-कानूनी मदरसे को गिरा दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई चंदौसी तहसील में बनियाठेर थानाक्षेत्र के मोहल्ला बंजारी कुआं में की गई।

आरोप है कि यहां पर दारुल उलूम मदरसा खाद के गड्ढे और आम रास्ते के तौर पर दर्ज जमीन पर बनाया गया था।

पुलिस बल किया गया था तैनात

अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसमें पांच थानों के कर्मी और पीएसी के जवान शामिल थे।

क्यों मांगी जा रही संभल की जामा मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत? 

चंदौसी के उप जिलाधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि राजस्व के रिकार्ड में खाद के गड्ढे ओर रास्ते में दर्ज इस जमीन पर मदरसे और सात-आठ मकान हैं। तिवारी ने कहा कि दो बार नोटिस दिये गये, इन्हें समय भी दिया गया था जिसके बाद यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह मदरसा 225 वर्ग मीटर पर बना हुआ था।

नरौली पंचायत के अध्यक्ष बिट्टन मलिक ने पत्रकारों से कहा, ”हमें कोई नोटिस नहीं मिला।”

इस साल जनवरी में प्रशासन ने कई गांवों में अवैध मस्जिदों और एक मदरसे के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की थी। कुछ मामलों में स्थानीय लोगों ने खुद ही अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया था।

एएसआई के सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा

साल 2024 में संभल की शाही जामा मस्जिद में एएसआई के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। हाल ही में शाही जामा मस्जिद के प्रमुख जफर अली ने आगामी रमजान महीने से पहले मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत मांगी थी। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखा था।

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