समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सोमवार को नोएडा में वेतन बढ़ोतरी को लेकर श्रमिकों द्वारा किये गये हिंसक विरोध प्रदर्शन के लिए बीजेपी सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार पूंजीपतियों का पक्ष लेती है जबकि वेतनभोगी कर्मचारियों और मजदूरों की उपेक्षा करती है। 

यादव ने X पर एक पोस्ट में कहा, ”नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की वह एकतरफा नीति है जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करने वाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मजदूरों का शोषण करती है।” 

यादव ने कहा, ”भाजपाई चंदा देने वालों पूंजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों-मजदूरों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं। बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है, यह एक परिवारवाला ही समझ सकता है। वेतनभोगी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!” 

मजदूरों का हो रहा शोषण- अजय राय 

नोएडा में हुई हिंसा पर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने X पर एक पोस्ट में कहा, ”नोएडा में ‘मदरसन’ कंपनी के बाहर की तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। जब महंगाई कमर तोड़ रही हो और वेतन के नाम पर मजदूरों का शोषण हो रहा है तो युवा सड़क पर उतरने को मजबूर होगा ही।” 

अजय राय ने कहा, ”योगी जी, भारी भरकम विज्ञापनों से पेट नहीं भरता! पुलिस के आंसू गैस के गोले भूखे पेट का जवाब नहीं हो सकते। मजदूरों की जायज मांगों को अनसुना करना बंद करिए और दमन की जगह समाधान निकालिए।” 

श्रमिकों ने जाम लगाया और तोड़फोड़ की 

वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर गौतम बुद्ध नगर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बीते चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया और उन्होंने कई जगहों पर जाम लगाया और तोड़फोड़ की थी। 

पुलिस के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र और ईकोटेक- प्रथम के औद्योगिक क्षेत्र में सुबह से ही मजदूरों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई जगह पर श्रमिकों ने रास्ता जाम किया, अनेक स्थानों पर श्रमिकों ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव किया और कुछ कारों में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि कारखानों में तोड़फोड़ की भी खबर है जिसके बाद पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। 

अपने हाथ में ना लें कानून- डीएम

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने और पुलिस प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें तथा कानून व्यवस्था अपने हाथ में ना लें। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से नोएडा की स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं।

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नोएडा में प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उनकी सैलरी इतनी कम है कि उससे रोजमर्रा के खर्चे भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनियां उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।