Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के साकेत के पास सैदुलाजाब में एक चार-मंजिला इमारत गिरने से अब तक छह लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में रवि प्रकाश भी शामिल थे। उनका परिवार उन्हें डॉक्टर बनते देखना चाहता था, लेकिन उनका वह सपना टूट गया।
उत्तर प्रदेश के गोंडा के एक किसान के पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े रवि ने किर्गिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। वह ‘फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट’ (FMG) परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। बिहार के नालंदा का रहने वाला नलिन भी एक किसान का बेटा था। वह छह महीने पहले दिल्ली आया था ताकि वह ‘ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग’ (GATE) की तैयारी कर सके। वह सैदुल्लाजाब में एक ‘पेइंग गेस्ट’ (PG) आवास में रह रहा था।
रवि और नलिन उन छह लोगों में शामिल थे जिनकी मौत तब हुई, जब महरौली इलाके में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सैदुलाजाब गांव में एक चार-मंजिला इमारत ढह गई। तीन अन्य लोग एकता, आलोक और कपिल की भी इस हादसे में जान चली गई। वह भी छात्र ही थे। रविवार को जारी बचाव अभियान के दौरान मलबे से उनके शव निकाले गए, यह अभियान शुरू होने के 18 घंटे बाद समाप्त हुआ। एकता भी एमबीबीएस की तैयारी कर रही थी, जबकि आलोक और कपिल GATE परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
एफएमजी की तैयारी कर रहा था रवि
रवि के चाचा जयप्रकाश ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उनका भतीजा एक पीजी में रह रहा था और एफएमजी परीक्षा की तैयारी के लिए एक साल पहले किर्गिस्तान से लौटा था। जयप्रकाश ने कहा, “उसके पिता किसान हैं और परिवार को उम्मीद थी कि वह डॉक्टर बनेगा।” एकता के पिता अपनी बेटी के बारे में खबर जानने के लिए घंटों तक बेसब्री से इंतजार करते रहे।
उन्होंने कहा, “कल दोपहर, हमने फोन पर लगभग 17 से 18 मिनट तक बात की। उसने अपनी मां और भाई से भी बात की।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन शाम 7.30 बजे के आस-पास घर फोन करना उसकी रोज की आदत थी। कल, उसने फोन नहीं किया। बाद में, उसकी एक दोस्त ने हमें बताया कि उसके कोचिंग सेंटर के पास कोई हादसा हो गया है। हम तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गए।”
एकता का शव रविवार को दोपहर लगभग 2 बजे मलबे से बरामद किया गया। 35 साल की पार्वती, एक साल से ज्यादा समय से अपने परिवार के साथ रसोई चला रही थीं। आस-पास के पीजी में रहने वाले कई छात्र नियमित रूप से वहीं खाना खाते थे। बचाव अभियान शुरू होने के लगभग 16 घंटे बाद उनका शव बरामद किया गया।
पुलिस ने बताया कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि पिछले कई महीनों से इमारत की ऊपरी मंजिलों पर अवैध निर्माण का काम चल रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। इस बीच, दिल्ली नगर निगम ने इस घटना के संबंध में अपने कर्तव्य में लापरवाही और कोताही के लिए जिम्मेदार दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।
सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को बचाव अभियान का जायजा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इमारत के मालिक को हिरासत में ले लिया है और इस मामले के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली है। आगे की जांच जारी है।
इस भवन में एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कई कार्यालय संचालित हो रहे थे। हादसे के समय इसकी ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य जारी था। अधिकारियों ने बताया कि इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई और उसका मलबा पास में स्थित टिन शेड वाली कैंटीन पर जा गिरा, जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अक्सर आते थे। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…
