ताज़ा खबर
 

Life of Pie जैसी अंडमान के इस शख्स की कहानी, तूफान ने तहस-नहस की बोट, 28 दिन समंदर में भटका, ओडिशा में मिला किनारा

28 दिनों तक लगातार तूफानों से संघर्ष के बाद एक शख्स खुद को बचाने में सफल रहा। अंडमान निकोबार द्वीप में आए तूफान में फंसकर वह ओडिशा के पुरी तट पर पहुंच गया। उसके साथ रहा उसका दोस्त लगातार भूख और प्यास की वजह से बीच रास्ते में दम तोड़ दिया।

Author भुवनेश्वर | Updated: October 28, 2019 1:11 PM
समुद्र तट की प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स -इंडियन एक्सप्रेस)

अंडमान निकोबार में आए तूफान में फंसकर एक शख्स 28 दिनों तक संघर्ष के बाद शुक्रवार को ओडिशा के पुरी तट पर पहुंच गया। समुद्री हवाओं और पानी के थपेड़ों की वजह से उनका जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुरी तट पर पहुंचने पर उसने स्थानीय अफसरों को इसकी जानकारी दी। इस बीच लगातार कई दिनों तक भूखे-प्यासे रहने की वजह से उसके साथ फंसे उसके दोस्त की रास्ते में ही मौत हो गई। वे दोनों समुद्र में आने जाने वाले नावों और जहाजों में किराने का सामान और पीने का पानी आदि रोजमर्रा की चीजों की आपूर्ति करने का काम करते थे।

28 सितंबर को अपने दोस्त के साथ निकला था : अंडमान निकोबार के शाहिद द्वीप का रहने वाला अमृत ​​कुजूर (49) पिछले 28 सितंबर को अपने दोस्त दिव्यरंजन के साथ रोजाना की तरह हिंद महासागर में अपने जहाज से निकले थे। इस दौरान अचानक एक तूफान में फंसकर उनका जहाज अपने रास्ते से भटक गया। तूफान के तेज होने और जहाज पुराना होने से वह कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया था। उसको डूबने से बचाने के लिए उन्होंने उसका सारा सामान समुद्र में फेंककर उसे हल्का कर दिया। इस बीच वे समुद्र में मदद के लिए कई बड़े जहाजों की ओर इशारा किए, लेकिन कोई उनके पास तक आ नहीं सका।

Hindi News Today, 28 October 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

बर्मा के एक जहाज से उनको ईंधन और कम्पास मिला : इस बीच बर्मा का एक जहाज उनकी मदद के लिए पहुंचा। उस पर सवार अफसरों ने 260 लीटर ईंधन और एक कम्पास दिए, ताकि वे सुरक्षित अंडमान-निकोबार पहुंच सकें। लेकिन एक और बडे़ तूफान के चलते वे फिर मुसीबत में फंस गए। इससे उनका पूरा ईंधन खत्म हो गया और वे दोनों फिर भटक गए। कुजूर ने बताया, “हम दोनों ने सुरक्षित रहने की सभी उम्मीदें छोड़ दी थी। जीने के लिए हम समुद्र के पानी को तौलिए से सोखकर उसे ही छानकर पी रहे थे। हमारे पास खाने के लिए कुछ नहीं था।”

लगातार भूखे रहने से दोस्त ने दम तोड़ा:  कृष्णाप्रसाद थाने के पुलिस इंस्पेक्टर अभिमन्यु नायक ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमें सूचना मिली कि द्वीप समूह के पास रहने वाले अमृत कुजूर और देवरंजन पिछले महीने से समुद्र में लापता हैं। हम उनका पता लगा रहे हैं।” कुजूर ने बताया कि 28 तक भटकने के बाद हमारा जहाज बहते-बहते ओडिशा के पुरी तट पर पहुंच गया। इस बीच लगातार भूखे रहने और समुद्र का पानी पीने से कुजूर का दोस्त दिव्यरंजन कमजोर हो गया और बीमार पड़ने के कारण रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मुझे उसकी लाश के साथ ही घर लौटना पड़ा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
ये पढ़ा क्या?
X