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तेंदुलकर ने दी सुरक्षित सफर की नसीहत

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने बुधवार को मुंबई रेलवे पुलिस की दो पहलों ‘समीप’ और बी-सेफ की शुरुआत की।
Author मुंबई | January 13, 2016 23:53 pm
तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने जो आंकड़े देखे उसके अनुसार पिछले साल करीब 700 लोगों की मौत ट्रेन से गिरने के कारण हुई जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। (फ़ोटो-एक्सप्रेस फाइल)

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने बुधवार को मुंबई रेलवे पुलिस की दो पहलों ‘समीप’ और बी-सेफ की शुरुआत की। कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने जो आंकड़े देखे उसके अनुसार पिछले साल करीब 700 लोगों की मौत ट्रेन से गिरने के कारण हुई जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है और पटरी पार करते समय करीब 1600 लोगों की जान चली गई।’

उन्होंने कहा ‘मुझे लगता है कि आज के समय में हर मिनट महत्त्वपूर्ण है लेकिन हर जगह प्रतिस्पर्धा है।’ तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने कई बार महसूस किया है कि अगर हम ये सोचते हैं कि दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए अगर हम पुल की बजाय पटरी पार करते हैं तो पांच मिनट की बचत होगी। ये चीजें छोटी लगती हैं, लेकिन हम कानून तोड़ते हैं और पांच मिनट के लिए अपने जीवन को खतरे में डालते हैं। आपके परिवार के सदस्य और दोस्त आपके घर लौटने का इंतजार करते हैं और अगर आप पांच मिनट देर से पहुंचते है तो निश्चित तौर पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इसलिए अस्पताल पहुंचने के बजाय घर पर सुरक्षित पहुंचना जरूरी है।’

तेंदुलकर ने कहा, ‘ट्रेन में भीड़ होने पर मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप ट्रेन की छत पर बैठकर यात्रा न करें। सबको समय को लेकर जल्दी है, लेकिन इसके बावजूद मैं आपसे ट्रेन छोड़ने, धैर्य रखने और कानून नहीं तोड़ने का आग्रह करता हूं।’
इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने स्कूल के दिनों की एक घटना को भी साझा किया। उन्होंने कहा, ‘11 साल की उम्र से मैं मुंबई में ट्रेन से यात्रा करने लगा था। जब मैं यात्रा करता था तो मेरे साथ एक किट बैग हुआ करता था। मुझे ट्रेन से भीतर और बाहर धक्का दिए जाने की बातें याद हैं और ये अनुभव हमेशा मेरे साथ रहेंगे।’

तेंदुलकर ने कहा, ‘स्कूल में मैं विले पार्ले में एक दोस्त के घर गया था। हम पांच या छह लड़कों ने प्रैक्टिस की और खाना खाने के लिए अपने दोस्त के घर गए। इसके बाद हम लोगों ने एक फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद हम लोगों को प्रैक्टिस के लिए देर हो रही थी और इस कारण हम लोगों ने दादर में ट्रेन पकड़ने के लिए रेल पटरी पार करने का फैसला लिया।’ उन्होंने कहा कि पटरी पार करते समय उन लोगों को महसूस हुआ कि ट्रेन बहुत तेजी से आ रही और इस डरावने अनुभव के बाद उन लोगों ने ट्रेन पकड़ने के लिए कभी भी पटरी पार नहीं की।

मुंबई रेलवे पुलिस ने सुरक्षा को लेकर उठाए गए दोनों कदमों के बारे में कहा कि ‘समीप’ (एसएएमईईपी, यानी ‘यात्रियों के लिए सुरक्षा चेतावनी संदेश’) किसी भी तरह की स्थिति में यात्रियों से तुरंत संपर्क करने के लिए शुरू की गई पहल है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘इस योजना के तहत हम लोग यात्रियों से 7208015207 पर मिस्ड कॉल देने या 166 पर ‘एमएच आरएलवाई सीओपी’ लिखकर संदेश भेजने का आग्रह करते हैं। ऐसा करते ही उनको पंजीकृत कर लिया जाएगा। जिन लोगों को भी पंजीकृत किया जाएगा उन्हें सभी महत्वपूर्ण बातों, रुकावटोंं, सुरक्षा सलाह, महिला सुरक्षा अपडेट की जानकारी संदेश के जरिए दी जाएगी ताकि किसी तरह की अफवाह से बचा जा सके।’ इसमें यह भी कहा गया है कि बी-सेफ एक मल्टी-मीडिया जागरूकता अभियान है। इसके तहत लोगों को सुरक्षित यात्रा के बारे में जागरूक किया जाएगा।

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