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सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की कोशिश पर ‘धर्म निकाला’, एक्टिविस्ट रेहाना फातिमा को मुस्लिम जमात ने किया बाहर

पिछले वर्ष रेहाना उस वक्त सुर्खियों में आ गई थीं जब उन्होंने तरबूज के साथ एक नग्न तस्वीर खिंचवाकर कोझीकोड के कॉलेज के एक प्रोफेसर के द्वारा की गई कथित अश्लील टिप्पणी का विरोध किया था। रेहाना के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर एक मामल भी दर्ज कराया गया है।

शुक्रवार (19 अक्टूबर) को रेहाना फातिमा भारी पुलिसबल के बीच मंदिर के लिए रवाना हुई थीं लेकिन उन्हें भारी विरोध प्रदर्शन के चलते प्रवेश द्वार से लौटना पड़ा था। हैदराबाद की पत्रकार कविता भी उनके साथ थीं। (फोटो- पीटीआई)

सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा का मुस्लिम जमात ने धर्म निकाला कर दिया है। उनके परिवार के लिए भी मुस्लिम जमान ने यह सजा मुकर्रर की है। केरल के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश करने पर रेहाना फातिमा का धर्म निकाला किया गया है। केरल की मुस्लिम जमात काउंसिल ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा ने सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश कर लाखों हिंदू भक्तों की भावनाओं को आहत किया है। मुस्लिम जमात काउंसिल के अध्यक्ष ए पूनकुंजू ने शनिवार (20 अक्टूबर) को प्रेस को दिए एक बयान में कहा कि रेहाना फातिमा को मुस्लिम समुदाय से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि काउंसिल ने एर्णाकुलम सेंट्रल मुस्लिम जमात को निर्देश दिया है कि रेहाना और उनके परिवार को महल्लु की सदस्यता से भी बाहर किया जाए। बयान में कहा गया कि रेहाना के काम ने लाखों हिंदू भक्तों को आहत किया है, उनका काम हिंदू समुदाय के रीति-रिवाजों के खिलाफ भी था। पूकुंजू ने कहा, ”रेहाना, जिन्होंने ‘किस ऑफ लव’ आंदोलन में हिस्सा लिया था और फिल्म में नग्न प्रदर्शन किया था, उन्हें मुस्लिम नाम इस्तेमाल करने का कोई अधिकार नहीं है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते शुक्रवार को जब रेहाना पुलिसबल की भारी सुरक्षा के बीच भगवान अयप्पा के मंदिर की यात्रा पर निकली थीं तो अज्ञात लोगों ने उनके घर में कथित तौर पर तोड़फोड़ को अंजाम दिया था। भगवान अयप्पा के भक्तों के भारी विरोध प्रदर्शन के चलते वह मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई थीं। रेहाना जब मंदिर के लिए रवाना हुई थीं तो हमलावर कथित तौर पर उनके पनमपिल्ली नगर स्थित घर पर पहुंच गए थे। 2014 में मोरल पुलिसिंग के खिलाफ कोच्चि में किस ऑफ लव आंदोलन में हिस्सा लेने वाली रेहाना पेशे से एक मॉडल भी हैं और बीएसएनएल की कर्मचारी भी। वह उन दो महिलाओं में शामिल थीं जो शुक्रवार को मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंच गई थीं लेकिन भक्तों की भारी विरोध प्रदर्शन के चलते अंदर नहीं जा पाई थीं। रेहाना और हैदराबाद की पत्रकार कविता भारी पुलिसबल के बीच मंदिर के लिए निकली थीं।

पिछले वर्ष रेहाना उस वक्त सुर्खियों में आ गई थीं जब उन्होंने तरबूज के साथ एक नग्न तस्वीर खिंचवाकर कोझीकोड के कॉलेज के एक प्रोफेसर के द्वारा की गई कथित अश्लील टिप्पणी का विरोध किया था। रेहाना के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर एक मामल भी दर्ज कराया गया है। बता दें कि बीते 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हर आयुवर्ग की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की अनुमति का आदेश दे दिया था लेकिन भगवान अयप्पा के भक्तों के चलते कोई भी महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकी है।

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