ताज़ा खबर
 

Sabarimala Temple Case: सबरीमाला विवाद: वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ एकजुट भाजपा और कांग्रेस, सड़कों पर उतरे नेता

Sabarimala Temple Case News Today, Sabarimala Temple Opening Dates 2019: भगवान अयप्पा का मंदिर बुधवार (17 अक्टूबर) की शाम पांच बजे पांच दिनों की मासिक पूजा के लिए खुल गया है। श्रद्धालु रात 10 बजकर 30 मिनट तक प्रार्थना कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यहां तनावपूर्ण माहौल बनाने के लिए ‘सुनियोजित तरीके से और जानबूझकर’ प्रदर्शन किया गया।

Sabarimala Temple Case Updates: सबरीमला मुद्दे पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के विरोध- प्रदर्शन के बीच विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस भी केरल के पम्बा तथा निलक्कल में बुधवार (17 अक्टूबर) को प्रदर्शन में शामिल हो गयीं। मंदिर के लिए ये दोनों स्थान प्रवेश द्वार हैं। सभी उम्र वर्ग की महिलाओं को भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रवेश देने के मुद्दे के राजनीतिक रंग लेने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस ने श्रद्धालुओं का समर्थन किया है। श्रद्धालु सीपीएम की अगुवाई वाली एलडीएफ सरकार के निर्णय का विरोध कर रहे हैं जो उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू कर रही है। श्रद्धालुओं की मांग है कि सरकार समीक्षा याचिका दायर करे।

इस बीच भगवान अयप्पा का मंदिर बुधवार (17 अक्टूबर) की शाम पांच बजे पांच दिनों की मासिक पूजा के लिए खुल गया है। श्रद्धालु रात 10 बजकर 30 मिनट तक प्रार्थना कर सकते हैं। मंदिर 22 अक्टूबर तक खुले रहेंगे। मंदिर खुलने के बाद पम्बा और निलक्कल में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले के बाद पहली बार मंदिर खुल रहा है। वाम मोर्चा की सरकार ने आंदोलन को ‘‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’’ करार दिया। पुलिस ने पम्बा में विरोध कर रहे तांत्री (मुख्य पुजारी) परिवार के सदस्यों को वहां से हटा दिया। हटाए जाने वाले सदस्यों में बुजुर्ग महिलाएं और शाही परिवार के सदस्य भी शामिल थे। प्रदर्शनकारी अयप्पा के मंत्रों का जाप कर रहे थे ।

हटाए जाने के बाद भाजपा नेताओं के समूह ने उसी स्थान पर ‘नामजपा’ (प्रार्थना) शुरू कर दी। प्रार्थना सभा का नेतृत्व करने वालों में भाजपा के राज्य महासचिव के सुंरेंद्रन, एम टी रमेश और शोभा सुरेंद्रन शामिल थे। राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के. सुधाकरण ने निलक्कल में विरोध कर रहे लोगों का नेतृत्व किया और श्रद्धालुओं के साथ एकजुटता दिखाई। इस बीच कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथाला ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि पत्रकारों पर हुए हमलों में कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस के लोग ही हिंसा और गुंडार्दी को बढ़ावा दे रहे हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 रेलवे स्टेशन के बोर्डों पर नहीं बदला गया नाम, तो RRS ने चिपकाए प्रयागराज के पोस्टर
जस्‍ट नाउ
X