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सबरीमला मामले पर विरोध में पुलिस थाने पर फेंका था बम, पकड़ा गया RSS कार्यकर्ता

केरल में एक थाने पर बम से हमला करने के मुख्य आरोपी आरएसएस के पदाधिकारी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

Author तिरुवनंतपुरम | February 4, 2019 10:17 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो सोर्स फाइनेंसियल एक्सप्रेस)

केरल में एक थाने पर बम से हमला करने के मुख्य आरोपी आरएसएस के पदाधिकारी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का जिला पदाधिकारी प्रवीण और उसके साथी तथा संघ के कार्यकर्ता श्रीजीत ने तीन जनवरी को नेदुमंगड थाने पर बम फेंके थे। सबरीमला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ हिन्दूवादी संगठनों ने तीन जनवरी को बंद का आह्वान किया था। उन्होंने बताया कि दोनों को यहां थम्पनूर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। माकपा कार्यकर्ताओं के साथ संघर्ष के दौरान प्रवीण थाने पर कम से कम चार बम फेंकते हुए दिखा था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था। उन्होंने कहा कि आरएसएस के पदाधिकारी को पकड़ने के लिए एक विशेष जांच दल का भी गठन किया गया था।

करीब एक महीना पहले सबरीमला मंदिर में प्रवेश करने वाली प्रतिबंधित उम्र की दो महिलाओं को जान से मारने की धमकी मिली है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। बिंदु और कनकदुर्गा दोनों की उम्र करीब 40 साल है और सबरीमला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा है। मंदिर में प्रवेश को लेकर भगवा संगठनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी, लेकिन इन महिलाओं ने धमकी की परवाह किये बगैर सदियों पुरानी इस परंपरा को तोड़ते हुए मंदिर में प्रवेश किया और वहां पूजा की। इससे भगवा संगठन नाराज हैं।

पुलिस ने बताया कि दोनों महिलाओं को एक पत्र मिला है जिसमें लिखा है कि मंदिर में प्रवेश करने के लिये उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। भगवान अयप्पा के मंदिर में दो जनवरी को प्रवेश करने के लिये कनकदुर्गा (44) को उसके पति और अन्य रिश्तेदारों से कड़ा विरोध झेलना पड़ा। घर पर ताला लगाने और परिवार के सदस्यों के किसी और घर में जाकर रहने के कारण उन्हें पेरींथलमन्ना में एक आश्रय गृह में रहना पड़ रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मंदिर में प्रवेश की वजह से उनकी सास ने कथित रूप से उन पर हमला किया था जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी वह आश्रय गृह में रह रही हैं। बदु (42) एक कॉलेज में लेक्चरर हैं और माकपा मार्क्सवादी लेनिनवादी की कार्यकर्ता हैं। उन्होंने भी कनकदुर्गा के साथ मंदिर में दर्शन किया था।

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