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एसएन श्रीवास्तव हो सकते हैं दिल्ली पुलिस के आयुक्त

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की पसंद के माने जाने वाले श्रीवास्तव ने बीते दो दिनों में जिस प्रकार से हिंसाग्रस्त इलाके में स्थिति नियंत्रण में लाए उससे इस कयास को बल मिला है कि अब श्रीवास्तव को उनके बचे कार्यकाल के लिए पुलिस की कमान दी जा सकती है।

1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एसएन श्रीवास्तव

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बीते पांच दिनों से हो रहे हिंसक प्रदर्शन के हालात को संभालने के लिए अचानक 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एसएन श्रीवास्तव को दिल्ली का नया पुलिस आयुक्त बनाया जा सकता है। मौजूदा पुलिस आयुक्त 1985 बैच के अमूल्य पटनायक इसी महीने के अंतिम दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पटनायक को दिल्ली विधानसभा के कारण एक महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की पसंद के माने जाने वाले श्रीवास्तव ने बीते दो दिनों में जिस प्रकार से हिंसाग्रस्त इलाके में स्थिति नियंत्रण में लाए उससे इस कयास को बल मिला है कि अब श्रीवास्तव को उनके बचे कार्यकाल के लिए पुलिस की कमान दी जा सकती है। श्रीवास्तव का कार्यकाल एक साल तक रहेगा।

बताया जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में जिस प्रकार दिल्ली में हिंसक वारदात सामने आई उससे केंद्र सरकार भी सकते में है। पुलिस स्थिति को या तो भांपने में नाकाम रही या फिर भांप कर भी ट्रंप की सुरक्षा में व्यस्त रही और उधर शाहीन बाग के बाद अचानक उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाके में हिंसा इस कदर भड़क गई कि बुधवार तक 27 लोगों की मौत हो गई। इस विकट परिस्थिति में पुलिस के कई आला अधिकारियों की मौजूदगी और गश्त के बाद जब स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी तो दिल्ली पुलिस में पहले कई अहम पदों पर रहे श्रीवास्तव को बुलाने का फरमान जारी कर दिया गया।

जम्मू-कश्मीर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में तैनात एसएन श्रीवास्तव की तैनाती इस समय विशेष पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था के तौर पर की गई है। दिल्ली पुलिस की आतंकवाद विरोध गतिविधियों को रोकने जैसे मामले के लिए बने स्पेशल सेल में विशेष आयुक्त रह चुके श्रीवास्तव ने दिल्ली में क्रिकेट मैच में फिक्सिंग का खुलासा किया था। कठिन परिस्थितियों में जल्दी और सटीक निर्णय लेने में कुशल माने जाने वाले श्रीवास्तव ने इससे पहले दिल्ली पुलिस में कई अहम ओहदे पर रहे। बताया जा रहा है कि जम्मू कश्मीर में एडीजी पश्चिमी क्षेत्र रहते हुए गृह युद्ध जैसी स्थितियों से निपटने का उनका लंबा अनुभव है।

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