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रोजवैली चिटफंड केसः फिल्म कारोबारी श्रीकांत मोहता हिरासत में, पुलिस पर भी गंभीर आरोप

सीबीआई सूत्रों के कहना है कि इसके पहले भी उन्हें दोबारा नोटिस भेजा गया था। उसे पाकर भी वे आए नहीं। एक बार अपने वकील से कुछ दस्तावेज भेजे थे।

प्रतीकात्मक तस्वीर

रोजवैली चिटफंड मामले में संदिग्ध संलिप्तता के आरोप में गुरुवार को सीबीआई ने कारोबारी श्रीकांत मोहता को उनके ऑफिस से हिरासत में ले लिया। हालांकि इसके लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्हें न सिर्फ मोहता के सुरक्षा कर्मियों की बाधा का सामना करना पड़ा, बल्कि पुलिस ने भी उन्हें तलाशी अभियान चलाने में बाधा पहुंचाई।

गुरुवार सुबह करीब 11 बजे सीबीआई के अधिकारी मोहता के कस्बा स्थित एक मॉल के 19वें तले पर श्री वेंकटेश फिल्म्स के ऑफिस पहुंचे। उस समय मोहता अपने ऑफिस में थे। जब अधिकारी उसके ऑफिस में घुसने की कोशिश करने लगे तो उनके निजी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। कुछ ही देर में कस्बा थाने से भी एक पुलिस बल भी वहां पहुंच गया। पुलिस से काफी बहस होने के बाद 3 बजे मोहता को हिरासत में लिया गया। हालांकि, हाल ही में मोहता की ओर से उनके वकील सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में स्थित सीबीआई के पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय में पहुंचे थे और श्रीकांत मोहता की संपत्ति, उनके बैंक खाते में लेनदेन, आयकर का ब्योरा और अन्य दस्तावेज जमा कराया था।

सीबीआई ने नोटिस भेजकर मोहता से ये सारे दस्तावेज मांगे थे। उम्मीद की जा रही थी कि वह खुद सीबीआई दफ्तर में जा कर ये सारे दस्तावेज जमा कराएंगे लेकिन वकील के जरिये उन्होंने इसे भिजवाया था। सीबीआई लम्बे समय से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर पूछताछ के लिए बुला रही थी। करीब 17,520 करोड़ रुपए के इस घोटाले में मोहता पर रोजवैली समूह के मालिक गौतम कुंडू से 30 करोड़ रुपये लेने का आरोप है।

सीबीआई अधिकारियों की आरोप है कि कस्बा थाने की पुलिस ने उनका परिचय जानने के बाद भी बाधा पहुंचाई। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक वाद-विवाद भी हुआ। इस संबंध में सीबीआई अधिकारियों ने तलाशी एवं पूछताछ करने के लिए अदालत से जारी अनुमति पत्र को पुलिस को दिखाया। इसके बाद करीब दो बजे पुलिस घटनास्थल से चली गई।

दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों के अनुसार श्रीकांत मोहता ने स्वयं पुलिस को फोन कर बताया था कि कुछ अज्ञात लोग उनके ऑफिस में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से हस्तक्षेप करने की मांग की थी। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि मोहता के ऑफिस से एक लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है। हालांकि सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि पुलिस का बयान यदि सच होता है तब परिचय पत्र दिखाने बाद भी उन्होंने सीबीआई को बाधा क्यों पहुंचाई?

एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिचय जानने के बाद हमने सीबीआई अधिकारियों से पूछा कि उन्होंने थाने को कोई सूचना दी है या नहीं? पुलिसिया भाषा में इसे रिक्विजिशन कहते हैं। तब सीबीआई अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने कोई रिक्विजिशन नहीं दिया है। बाद में कराब 2 बजे उन्होंने वह रिक्विजिशन दिया। इसे पाने के बाद पुलिस बल को भी वहां तैनात कर दिया गया, जिससे उन्हें बाधा नहीं पहुंचे।

सीबीआई सूत्रों के कहना है कि इसके पहले भी उन्हें दोबारा नोटिस भेजा गया था। उसे पाकर भी वे आए नहीं। एक बार अपने वकील से कुछ दस्तावेज भेजे थे। उन्हीं दस्तावेज की जांच करने के बाद उन्हें फिर बुलाया गया था। लेकिन वह बार-बार बहाना बनाकर नहीं आ रहे थे। इसी कारण उन्हें हिरासत में लिया गया है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार रोजवैली के मालिक गौतम कुंडू ने पूछताछ के दौरान श्रीकांत मोहता के खिलाफ आरोप लगाया था कि मोहता के सभी फिल्मों को कुंडू के चैनल पर दिखाने के लिए पैसे लिए थे। सीबीआई इसी की कड़ी तलाश रही है।

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