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वकील रोहित टंडन और कारोबारी पारसमल लोढ़ा 2 जनवरी तक ईडी की हिरासत में, सामने आ सकते हैं कई और बड़े नाम

दिल्ली के वकील रोहित टंडन और कारोबारी पारसमल लोढ़ा को दो जनवरी तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दिया गया है। टंडन को गुरुवार को साकेत अदालत में पेश किया गया।

Author नई दिल्ली | December 30, 2016 1:12 AM
अभियोजन पक्ष ने कहा कि रोहित टंडन के मोबाइल से व्हाट्सएप पर कई लोगों से बातचीत का ब्योरा भी बरामद किया गया है।

दिल्ली के वकील रोहित टंडन और कारोबारी पारसमल लोढ़ा को दो जनवरी तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दिया गया है। टंडन को गुरुवार को साकेत अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने कहा कि रोहित टंडन के मोबाइल से व्हाट्सएप पर कई लोगों से बातचीत का ब्योरा भी बरामद किया गया है। जांच में कई बड़े कारोबारियों का नाम सामने आने की संभावना है। इसके लिए आरोपियों से पूछताछ की जरूरत है। अदालत ने दलीलों पर विचार कर रोहित टंडन और कारोबारी पारस मल लोढ़ा को पूछताछ के लिए चार दिन की हिरासत मंजूर की। जांच में लगे अधिकारियों का कहना है कि रोहित टंडन के व्हाट्सएप पर जिन संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं उनसे पूछताछ की जा सकती है।

जांस एजंसी की ओर वकील विकास गर्ग ने रोहित टंडन और कारोबारी पारस मल लोढ़ा की 14 दिन की रिमांड की मांग की। गर्ग ने कहा कि रोहित कई ऐसे लोगों को जानते हैं जो धन शोधन के बड़े रैकेट में शामिल हो सकते हैं। इसलिए इन लोगों तक पहुंचने के लिए उन्हें वक्त चाहिए, इसलिए 14 दिन की रिमांड जरूरी लग रही है। लेकिन अदालत ने चार दिन दिए। जबकि रोहित के वकील मोहित माथुर ने इसका विरोध किया और कहा कि उनके मुवक्किल ने कोई अपराध नहीं किया है। पैसा उनका था। और सरकार 30 दिसंबर तक जमा करने की छूट दे रखी थी, फिर पहले छापे मारी क्यों हुई।

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पुलिस की छापेमारी में राजधानी के एक लॉ फर्म से 13.6 करोड़ रुपए की जब्ती के बाद धनशोधन से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में विवादित वकील रोहित टंडन को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय पिछले कुछ दिनों से टंडन से पूछताछ कर रहा था और बुधवार देर रात उन्हें धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। एजंसी को संदेह है कि टंडन ने कोलकाता के व्यवसायी पारस मल लोढ़ा की कथित मिलीभगत से 60 करोड़ रुपए के अमान्य नोटों को बदलवाने में कथित तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईडी ने इस संबंध में दिल्ली में कोटक बैंक के प्रबंधक आशीष कुमार को भी गिरफ्तार किया था।

मालूम हो कि पुलिस ने 11 दिसंबर को ग्रेटर कैलाश में टीएंडटी लॉ फर्म के आॅफिस से 13.5 करोड़ रुपए जब्त किए थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने इसी फर्म के कई ठिकानों पर छापा डाला था। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान 2000 के 13 हजार के नए नोट (2.60 करोड़) भी मिले थे। वकील के कार्यालय से नोट गिनने की मशीनें भी मिलीं थी। कोलकाता से मिली खबरों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय ने पारस मल लोढ़ा के एक बैंक लॉकर से हीरे, रूबी और जेवर जब्त किए हैं। कोलकाता के अलीपुर रोड पर एक सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक शाखा के लॉकर को बुधवार को ईडी के अधिकारियों ने खोला। कोलकाता में ही दूसरी बैंक शाखाओं में लोढ़ा के दो और बैंक लॉकरों को खोला जाना है। ईडी ने 27 दिसंबर को कोलकाता में लोढ़ा के दो ठिकानों पर छापे मारे थे। अधिकारियों ने बताया कि लॉकर में काफी सारे हीरे, रूबी और जेवर मिले हैं जिनकी कीमत का पता लगाया जा रहा है।

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