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सड़कें हुर्इं वीरान, दिन में भी बंद हुए घरों के दरवाजे

दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के कांगनहेड़ी गांव में तीन महिलाओं के सोते वक्त चोटी काटे जाने का दावा करने के बाद से यहां की सड़कें वीरान हो गई हैं।

Author नई दिल्ली | August 5, 2017 12:44 AM
Reuters

दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के कांगनहेड़ी गांव में तीन महिलाओं के सोते वक्त चोटी काटे जाने का दावा करने के बाद से यहां की सड़कें वीरान हो गई हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और घरों के दरवाजे दिन में भी बंद रहने लगे हैं। गांव की महिलाएं और बच्चे इतने डरे हुए हैं कि वे घर से बाहर ही नहीं निकलना चाहते। हालांकि कांगनहेड़ी अकेला ऐसा गांव नहीं है जहां से महिलाओं के बाल काटे जाने की छिटपुट खबरें आ रही हैं। इस तरह के मामलों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। अब तक करीब दो दर्जन मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से अधिकतर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। इन्हें लेकर लोग अलग-अलग बातें कह रहे हैं। कोई इसे हौवा मान रहा है, कोई काला जादू तो कोई किसी की शरारत।
दूसरे गांवों की ही तरह कांगनहेड़ी में भी लोग इस घटना को काला जादू और टोना-टोटका मान रहे हैं। गांव की तीनों महिलाओं का कहना है कि वे तेज सिर दर्द के बाद बेहोश हो गर्इं और जब जागीं तो उनकी चोटी कटी हुई थी। गांव में इस कदर डर का माहौल बन गया है कि लोग अपने बच्चों को स्कूल तक नहीं भेज रहे हैं और महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर नहीं निकल रही हैं।
अधिकतर गांववालों ने बुरी ताकतों को भगाने के लिए अपने घर के बाहरी दीवारों पर मेंहदी से हाथ की छाप लगा दी है और नींबू, मिर्च व नीम के पत्ते लटका दिए हैं। कई दूसरी कहानियां भी चल रही हैं, जिनमें से एक के अनुसार एक महिला ने बेहोश होने से पहले एक बिल्ली को इंसान का रूप लेते देखा, जबकि एक अन्य महिला ने त्रिशूल थामे और लाल-पीले कपड़े पहने एक व्यक्ति को देखा।
इंस्टीट्यूट आॅफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज (आइएचबीएएस) ने बुधवार को कांगनहेड़ी गांव का दौरा किया। संस्थान के निदेशक निमेष राय का कहना है कि इस समय किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन बहुत सारी संभावनाओं में से यह एक कल्पनाओं से जुड़ा विकार हो सकता है।

दक्षिणी दिल्ली में भी हुर्इं चोटी कटने की घटनाएं
दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र में भी शुक्रवार को एक महिला और एक बच्ची की चोटी काटे जाने की घटना सामने आई। दोनों घटनाओं के संदर्भ में पुलिस को शिकायत सौंपी गई है। पुलिस मामलों की जांच में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, असोला की सरदारों वाली गली में रहने वाले राजू की बेटी निशा (10) की शुक्रवार दोपहर को किसी ने चोटी काट दी। कक्षा पांच में पढ़ने वाली निशा दोपहर को स्कूल से घर आई। जब वह घर पहुंची तो वहां कोई नहीं था, वह स्कूल की ड्रेस में ही बिस्तर पर सो गई। उसकी बड़ी बहन जब स्कूल से लौटी तो उसने देखा कि निशा के बाल कटे हुए हैं। इस बारे में उसने आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद निशा के माता-पिता को भी सूचना मिली। इस घटना के बाद से निशा बहुत डरी हुई है। उसकी बड़ी बहन का कहना है कि जब वह घर पहुंची तो कमरे का दरवाजा खुला हुआ था और निशा सो रही थी। उसके कटे हुए बाल नीचे पड़े हुए थे। दूसरी घटना हरस्वरूप कालोनी में घटी जहां एक महिला की चोटी कटने का मामला सामने आया है। पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है लेकिन अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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