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जयंत को चेहरा बना कर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगा रालोद

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अपने युवा नेता जयंत चौधरी को चेहरा बना कर उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उतरेगी।

Author लखनऊ | September 23, 2016 04:56 am
रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह ने गुरुवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हर पार्टी किसी न किसी चेहरे के साथ विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कर रही है। रालोद उनके बेटे और पार्टी महासचिव जयंत चौधरी को चेहरा बना कर चुनाव मैदान में उतरेगी।

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अपने युवा नेता जयंत चौधरी को चेहरा बना कर उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उतरेगी। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह ने गुरुवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हर पार्टी किसी न किसी चेहरे के साथ विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कर रही है। रालोद उनके बेटे और पार्टी महासचिव जयंत चौधरी को चेहरा बना कर चुनाव मैदान में उतरेगी। सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव अपने बूते ही लड़ेगी और वह मध्य के इलाकों और पूर्वांचल में भी अगले अक्तूबर-नवम्बर में सात-आठ रैलियां करके माहौल बनाएगी।


सिंह ने कहा कि प्रदेश में पूरी तरह से अराजकता फैली हुई है। उन्होंने कहा ‘प्रदेश के सुपर सीएम, सीनियर सीएम और जूनियर सीएम यह कहते हैं कि उनके मंत्री भ्रष्ट हो चुके हैं, लेकिन इन हालात की जिम्मेदारी इनमें से कोई भी नहीं लेना चाहता।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुलायम सिंह यादव परिवार में छिड़ी जंग को उत्तराधिकार की लड़ाई करार देते हुए कहा ‘यह यह इस बात का संघर्ष है कि विधानसभा चुनाव के बाद सपा पर कौन कब्जा करेगा।’ सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि मुलायम परिवार जिन राम मनोहर लोहिया के आदर्शों पर चलने का दावा करता है, वे परिवारवाद के सख्त खिलाफ थे। ऐसे में ‘समाजवादी परिवार’ का क्या मतलब है। प्रदेश में जारी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ‘किसान यात्रा’ पर उन्होंने कहा कि सिर्फ रालोद ही गांव, गरीब और किसान की पार्टी है। जमींदारी उन्मूलन, चकबंदी कार्यक्रम और किसानों को सबसिडी की तमाम योजनाएं चौधरी चरण सिंह ने ही चलाई थीं।

कैराना मामले की रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं : रालोद अध्यक्ष अजित सिंह ने शामली स्थित कैराना से हिंदू परिवारों के कथित पलायन को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट को आज ‘बेमतलब’ करार देते हुए इस पर सवाल खड़े किए। सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में शामली जिले के कैराना से हिंदू परिवारों के पलायन के बारे में एनएचआरसी की रिपोर्ट के सिलसिले में पूछे गए सवाल पर कहा ‘आयोग की इस रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं है। कैराना से 346 परिवारों के पलायन करने की बात कही गई थी। एनएचआरसी ने उनमें से सिर्फ छह परिवारों से बात करके रिपोर्ट तैयार कर दी। क्या वह बाकी परिवारों से बात नहीं कर सकता था?’ खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जनाधार रखने वाले रालोद अध्यक्ष ने कहा कि पलायन कोई खास बात नहीं है। पूरी दुनिया में लोग तरक्की की संभावना वाले स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। एनएचआरसी ने बुधवार को अपनी वेबसाइट पर जारी रिपोर्ट में कैराना से हिंदू परिवारों के पलायन के आरोप को सही करार दिया था। भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से हिन्दू परिवारों के पलायन का दावा किया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आयोग ने माना है कि इलाके में बहुलता रखने वाले एक समुदाय विशेष के सदस्यों के डर की वजह से 250 से ज्यादा हिंदू परिवार कैराना से पलायन कर गए हैं।

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