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टेरी की संचालन परिषद से हटना पड़ा पचौरी को

विवाद के बावजूद संस्था की संचालन परिषद ने पचौरी के लिए कार्यकारी उपाध्यक्ष का नया पद बना दिया जिस पर लोगों की आलोचनाएं सामने आईं।

Author नई दिल्ली | April 22, 2016 1:57 AM
पूर्व टेरी प्रमुख आर के पचौरी। (रॉयटर्स फाइल फोटो)

पिछले दिनों अपनी पूर्व महिला सहयोगियों के यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे पर्यावरणविद आरके पचौरी टेरी की संचालन परिषद की सदस्यता से हट गए हैं। हालांकि पद से हटने के लिए उन पर पहले से दबाव था। इस हफ्ते के शुरू में ही संचालन परिषद ने उनसे नाता तोड़ने का फैसला कर लिया था। पचौरी को इसका संकेत भी कर दिया गया था। बाध्य होकर उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। वैसे टेरी के साथ उनका करार 2017 में समाप्त होगा। लेकिन संचालन परिषद ने उन्हें शेष कार्यकाल का समस्त बकाया देने का और अनुबंध को तत्काल समाप्त करने का भी फैसला किया है।

हालांकि पचौरी ने कहा कि ‘द एनर्जी एंड रिसोर्सिस इंस्टीट्यूट्स’ की संचालन परिषद के सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल 31 मार्च, 2016 को समाप्त हो गया और उन्हें लगता है कि उनके लिए आगे बढ़ने और अन्य चीजों में शामिल होने का समय आ गया है जिन पर उन्होंने पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर गतिविधियों के लिए विचार किया है। इस बारे में पूछे जाने पर टेरी के एक प्रवक्ता ने खबर के तथ्यों की पुष्टि नहीं की और कहा, 18 अप्रैल, 2016 को टेरी की संचालन परिषद की बैठक हुई। बैठक में कई फैसले किए गए। बैठक के कार्य विवरण को फिलहाल मंजूरी का इंतजार है।

खबर में प्रवक्ता के हवाले से कहा गया, टेरी की संचालन परिषद के सदस्य के रूप में डॉ पचौरी का कार्यकाल 31 मार्च 2016 को समाप्त हो गया। चूंकि कार्यकारी उपाध्यक्ष (ईवीसी) का कार्यकाल इस सदस्यता के साथ है, इसलिए ईवीसी के रूप में उनकी भूमिका परिषद की सदस्यता के साथ समाप्त हो गई। पचौरी ने कहा कि वे टेरी की संचालन परिषद से हटने के बारे में जानकारी मीडिया को देने के लिए बयान जारी कर रहे हैं।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि टेरी का स्टाफ इसकी महान पूंजी है जो नए महानिदेशक के नेतृत्व में संस्थान को आने वाले सालों में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। पचौरी ने कहा, मुझे साढ़े तीन दशकों तक टेरी का नेतृत्व करने का सौभाग्य मिला और संस्थान को उत्कृष्ट स्तर का बनाने में सालों तक हजारों सहयोगियों का अमूल्य योगदान मिला है।

पचौरी ने कहा कि टेरी ने उन्हें हमेशा जो सहयोग दिया है उससे वे अत्यंत लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा, मैं टेरी की संचालन परिषद का आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो दिवंगत दरबारी सेठ के समय से है। वे टेरी के विकास के शुरुआती सालों में मेरे प्रेरणास्रोत और नेता रहे। पचौरी को पिछले साल महानिदेशक के पद से हटाया गया था। उनकी एक जूनियर महिला सहयोगी ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। इसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। दिल्ली पुलिस ने इस साल के शुरू में मामले में उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

विवाद के बावजूद संस्था की संचालन परिषद ने पचौरी के लिए कार्यकारी उपाध्यक्ष का नया पद बना दिया जिस पर लोगों की आलोचनाएं सामने आईं। इसके बाद पचौरी से छुट्टी पर जाने को कहा गया। इस साल की शुरुआत में टेरी की दो और पूर्व कर्मचारियों ने भी उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था जिनमें से एक विदेशी नागरिक है। पूर्व वित्त सचिव अशोक चावला को हाल ही में टेरी की संचालन परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

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