बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के राज्यसभा का चुनाव लड़ने की चर्चा तेज है। इस चर्चा के बीच ही आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने रविवार को पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। बिहार में राज्यसभा की कुल पांच सीटों के लिए 5 मार्च को चुनाव होगा।

बिहार में खाली हो रही राज्यसभा की पांच सीटों में मौजूदा वक्त में- जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर, आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्रधारी सिंह तथा एनडीए के सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा उच्च सदन में हैं। इन सभी का राज्यसभा कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो जाएगा।

आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पत्रकारों से कहा, ”मैं अटकलों पर कुछ नहीं कहना चाहता लेकिन एक बात बिल्कुल स्पष्ट है। लोग हमारे नेता तेजस्वी जी को संसद के उच्च सदन में देखना चाहते हैं। इंतजार करें, जल्द स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।”

जीत के लिए चाहिए 41 विधायक

आरजेडी के पास केवल 25 विधायक हैं। आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस, सीपीआई (माले), सीपीएम और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) शामिल हैं। इस गठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं जबकि राज्यसभा की एक सीट का चुनाव जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में अगर तेजस्वी चुनाव लड़ते हैं तो उनके लिए जीत हासिल कर पाना आसान नहीं होगा।

राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि वर्तमान स्थिति में न तो आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन और न ही एनडीए के पास अकेले दम पर इस सीट को जीतने के लिए पर्याप्त संख्या में विधायक हैं।

राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि पांच मार्च है जबकि दस्तावेजों की जांच अगले दिन होगी। उम्मीदवार नौ मार्च तक नामांकन वापस ले सकते हैं।

तेज प्रताप ने पहली बार गिनाए 5 ‘जयचंद’ के नाम

तेजस्वी यादव के बड़े भाई और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने हाल ही में पांच लोगों को जयचंद बताया था। यहां क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर।