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लालू की बेलः आधी सजा हो गई- बोले वकील, CBI का जवाब- गणना ही गलत, अभी तो साढ़े तीन साल भी न हुए…

सीबीआई ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को कुल 14 साल की सजा हुई है, इसकी आधी अवधि यानी 7 साल जेल में बिताने के बाद ही जमानत याचिका पर विचार किया जा सकता है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र रांची | Updated: November 28, 2020 9:59 AM
RJD, Lalu Prasad Yadav, RIMSलालू प्रसाद यादव एक बार फिर RIMS के पेइंग वॉर्ड में भेजे गए हैं। (फाइल फोटो- PTI)

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लिए मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रहीं। हाल ही में उन पर रिम्स के निदेशक के बंगले में सजा काटने के दौरान फोन का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। इस पर एक केस भी दर्ज हुआ है। अब चारा घोटाला केस में दो साल की सजा काटने के बाद उन्हें राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को रांची हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके वकील कपिल सिब्बल और सीबीआई के वकील राजीव सिन्हा के बीच तीखी बहस हुई। जहां सिब्बल ने कहा कि लालू जेल में सजा की अवधि काट चुके हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए, वहीं सीबीआई वकील ने उनकी गणना को गलत करार दे दिया।

कोर्ट में क्या रहे तर्क?: गौरतलब है कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी के दो अलग-अलग मामलों में लालू प्रसाद यादव को कोर्ट से सात-सात की सजा हुई है। हालांकि, सिब्बल ने जब इस मामले में आधी सजा पूरी होने की बात कही, तो सीबीआई ने कहा, “हमारे हिसाब से कस्टडी जीरो रही। उनके हिसाब से 42 महीने 28 दिन पूरे हो गए। उन्होंने अलग-अलग केसों में मिली सजा को भी गिन लिया। हम अपना रिकॉर्ड पेश कर चुके हैं। अब ये बताएं कि कैसे 42 महीने 28 दिन लालू का कस्टडी काउंट किया गया है।”

इस पर जब सिब्बल ने हाई कोर्ट से फिर निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा की आधी अवधि जेल में बिताने बात कही, तो सीबीआई ने पलटवार करते हुए कहा कि सजा की आधी अवधि की गणना ही गलत है। लालू प्रसाद को इस केस में अलग-अलग 7-7 साल सजा दी गई है। यानी कुल 14 साल। निचली कोर्ट के अभिलेख पर उपलब्ध आर्डर शीट से स्पष्ट होता है कि लालू ट्रायल के दौरान न्यायिक हिरासत में नहीं लिए गए थे। वह इस मामले में मात्र 34 माह से जेल में है।

चारा घोटाले के एक अन्य आरोपी की याचिका भी खारिज कर चुका है हाईकोर्ट: सीबीआई के वकील ने कोर्ट को बताया कि चारा घोटाला में लालू के अलावा एक अन्य आरोपी ओपी दिवाकर को अलग-अलग मामलों में 7-7 साल अलग सजा काटने का निर्णय दिया गया। सजा की आधी अवधि जेल में बिताने के आधार पर आरोपी ओपी दिवाकर की जमानत याचिका हाईकोर्ट पूर्व में ही खारिज कर चुकी है। नियमानुसार लालू प्रसाद को इस मामले में 14 साल की आधी अवधि यानी 7 साल जेल में बिताने के बाद ही जमानत याचिका पर विचार किया जा सकता है।

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