टीएमसी में चल रही जबरदस्त उथल-पुथल के बीच पार्टी के बागी नेताओं ने चुनाव चिन्ह और पार्टी फंड पर अपना दावा मजबूत कर दिया है। पश्चिम बंगाल की विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के गुट ने दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कई वफादार नेता उनके साथ आ गए हैं।

इनमें पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक और बीरभूम जिले के पूर्व अध्यक्ष अनुब्रत मंडल भी शामिल हैं। इन दोनों ही नेताओं को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है।

बागी नेताओं ने कोलकाता में दो दिन तक बैठक की थी। इसके बाद प्रदेश और जिला कमेटियों का ऐलान किया गया था। बैठक में ममता बनर्जी के खेमे के माने जाने वाले कई नेता शामिल हुए। इनमें पूर्व राज्यसभा सदस्य शांतनु सेन, पूर्व विधायक निर्मल घोष, पूर्व मंत्री ज्योत्सना मंडी और पूर्व विधायक ताजमुल हुसैन जैसे बड़े नेता शामिल थे।

मीडिया से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि हमने पार्टी में आठ प्रवक्ता भी बनाए हैं और 21 जुलाई को हम शहीद दिवस मनाएंगे।

बिप्लब मित्रा को बनाया प्रदेश अध्यक्ष

ऋतब्रत गुट ने बिप्लब मित्रा को अपनी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष और जावेद अहमद खान को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा सबीना यास्मीन को महिला कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष जबकि बहरुल इस्लाम को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा जिला कमेटियों का भी गठन किया गया है।

इससे पहले बागी गुट ने ममता बनर्जी की जगह पर अरूप रॉय को पार्टी का चेयरपर्सन चुना था। अरूप रॉय का कहना है कि अब हम अपने पदाधिकारियों की सूची चुनाव आयोग को सौंपेंगे।

दूसरी ओर, ममता बनर्जी की अगुवाई वाले खेमे ने भी शहीद दिवस को लेकर तैयारियां तेज की हैं। सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि हमें दी जा रही धमकियों के बावजूद कई कार्यकर्ता और नेता बैठक में आए।

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कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की रैली में अंडे फेंके गए और हंगामा हो गया। इसके बाद ममता बनर्जी ने आपा खो दिया और अपनी ही पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को थप्पड़ जड़ दिए। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।