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किसानों की आय दोगुनी हुई? पूछता है ग्रामीण भारत, है हिम्मत तो जवाब दीजिए गोस्वामी जी- अर्नब से रिपब्लिक पर उन्हीं के अन्दाज़ में बोले पैनलिस्ट

सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच शनिवार को पांचवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही, जहां किसान संगठनों के नेता नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े रहे और इस मुद्दे पर सरकार से ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब की मांग करते हुए ‘मौन व्रत’ पर चले गए।

farmers protestडिबेट में अर्नब गोस्वामी और पैनलिस्ट के बीच खूब बहस हुई। (वीडियो स्क्रीनशॉट)

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि बिलों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। टीवी चैनलों के डिबेट शो में भी किसान प्रदर्शन का मुद्दा प्रमुखता से छाया है। ऐसे ही रिपब्लिक भारत के डिबेट शो ‘पूछता है भारत’ में अन्नदाताओं के मुद्दों पर एंकर अर्नब गोस्वामी और पैनलिस्ट आमने सामने आ गए। दरअसल डिबेट में अर्नब ने कांग्रेस नेता दुष्यंत नागर को मंडी के साहूकार और कमिशन एजेंट का साथी बताया। इसपर नाराज नाराज ने टीवी एंकर को निशाने पर ले लिया।

उन्होंने कहा कि चैनल आपका है, सरकार आपकी है, सारा सिस्टम आपका है। तो वो ही बता दें कि मुखौटे के पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने कहा कि 2013 में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किसने किया था। क्या किसानों की आय दोगुनी हुई। क्या स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू किया गया। दुष्यंत नागर ने अर्बन के अंदाज में पूछा, ‘पूछता है ग्रामीण भारत, पूछता है किसान भारत, अगर आप में दम है तो जवाब दीजिए मिस्टर गोस्वामी। ये किसानों का भारत आपसे पूछता है। क्या किसानों की आय दोगुनी हुई।’

बता दें कि सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच शनिवार को पांचवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही, जहां किसान संगठनों के नेता नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े रहे और इस मुद्दे पर सरकार से ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब की मांग करते हुए ‘मौन व्रत’ पर चले गए। इसके बाद केंद्र ने गतिरोध समाप्त करने के लिए नौ दिसंबर को एक और बैठक बुलाई है।

दसवें मिनट से देखें वीडियो-

तीन केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चार घंटे से अधिक देर तक चली बातचीत के बाद किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के लिए अंतिम प्रस्ताव पेश करने के वास्ते आंतरिक चर्चा के लिए और समय मांगा है। हालांकि, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार बैठक में मौजूद 40 कृषक नेताओं से उनकी प्रमुख चिंताओं पर ठोस सुझाव चाहती थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके सहयोग से समाधान निकाला जाएगा।

इधर किसानों ने आठ दिसंबर को ‘भारत बंद’ की घोषणा की है और चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तो आंदोलन तेज किया जाएगा तथा राष्ट्रीय राजधानी आने वाले और मार्गों को अवरुद्ध कर दिया जाएगा। ट्रेड यूनियनों और अन्य अनेक संगठनों ने इसमें उन्हें समर्थन जताया है। बैठक में कृषि मंत्री तोमर ने किसान नेताओं से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्रदर्शन स्थलों से घर वापस भेजने की अपील की। तोमर ने सरकार की ओर से वार्ता की अगुवाई की। इसमें रेल, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने भी भाग लिया। (एजेंसी इनपुट)

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