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जनता का भला चाहते हैं तो बदल दें राज्यपाल, ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी लिखा पत्र

मुख्यमंत्री ने पत्र में जनता के भले की दुहाई देते हुए देश के इन दो सर्वोच्च पदाधिकारियों से कहा है कि राज्यपाल धनकड़ चुनाव के बाद से ही बंगाल की हिंसा के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। फोटो- पीटीआई

कोलकाता। सुशासन चाहते हों तो पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बदल दीजिए। यह गुहार लगाई है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने। उन्होंने यह अपील मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। अपील एक पत्र के जरिए की गई है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में जनता के भले की दुहाई देते हुए देश के इन दो सर्वोच्च पदाधिकारियों से कहा है कि राज्यपाल धनकड़ चुनाव के बाद से ही बंगाल की हिंसा के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अभी एक दिन पहले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो, सीबीआइ ने तृणमूल कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी की थी। गिरफ्तार किए गए लोगों में पश्चिम बंगाल के दो मंत्री शामिल हैं। इनके अलावा एक पूर्व मंत्री और एक मेयर को भी गिरफ्तार किया गया है।

पत्र में नए राज्यपाल की नियुक्ति की मांग करते हुए कहा गया है कि अगर बंगाल में अच्छा शासन चाहते हों तो मौजूदा राज्यपाल जगदीप धनकड़ को वापस बुला लीजिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल की कोशिश रहती है कि राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को बढ़ा-चढ़ा कर प्रचारित किया जाए। वे ऐसा करने में इस बाद को नजरअंदाज कर देते हैं कि जिस वक्त की हिंसा की वे चर्चा करते हैं, वह उस वक्त की है जब राज्य का शासन तृणमूल कांग्रेस के हाथ में नहीं था।

सुश्री बनर्जी ने शपथ ग्रहण समारोह के वाकये का भी जिक्र किया है और कहा है कि इस समारोह में मामले को उठाकर उन्होंने सारी सीमाएं तोड़ दी हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ट्वीट कर मामले को सार्वजनिक मंच पर ला खड़ा किया।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने इशारा किया है कि राज्यपाल को हटाने के लिए पार्टी विधान सभा के अंदर प्रस्ताव भी ला सकती है। इस बीच पार्टी के सांसद सौगत राय ने राज्यपाल को लेकर तीखी प्रतिक्रिया की है। राय ने कहा है कि राज्यपाल प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति के चरमराने की कहानी गढ़ रहे हैं, जिसका मकसद है कि टीएमसी की चुनी हुई सरकार को अस्थिर किया जाए।

उधर, राजभवन सूत्रों ने राज्यपाल पर लगाए गए तमाम आरोपों को खारिज कर दिया है। एक सूत्र ने कहा कि राज्यपाल धनकड़ एक प्रशिक्षित एडवोकेट हैं और उनको अपनी शक्तियों एवं जिम्मेदारी का भान है। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर जो चिंता जताई है, वह वाजिब है। नारद मामले में आरोपित तृणमूल कांग्रेस नेताओं पर मामला चलाने के लिए उन्होंने ही मंजूरी दी है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल धनकड़ और तृणमूल सरकार के बीच उसी दिन से टकराव चल रहा है जब से धनकड़ ने राजभवन में अपनी जिम्मेदारी संभाली है।

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