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बिन मौसम बारिश का दोहरा असर, कुछ किसानों की बढ़ी मुसीबतें तो कुछ को हुआ फायदा

बिन मौसम बरसात और ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों और आलू के फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान किया है। गुरुवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

Author Updated: February 9, 2019 3:40 PM
मोरादाबाद के आलू उत्पादक किसान ( फोटो सोर्स : ANI )

बिन मौसम हुई बरसात और ओलावृष्टि ने किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी हैं। बदलते मौसम का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। हालांकि सभी किसानों को इस बारिश से नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन गेहूं, सरसों और आलू के उत्पादन करने वाले किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।

ऐसे ही रहेगा मौसम : जानकारों के मुताबिक अगले 48 घंटो में मौसम का हाल ऐसा ही रहेगा। वहीं तेज हवाओं का असर भी बढ़ेगा। बता दें कि जम्मू -कश्मीर और अन्य पहाड़ी राज्यों के ऊपरी हिस्से में बनी पश्चिमी विक्षोभ से मौसम पूरी तरह बदल गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में तापमान कम हो गया। जिसके वजह से गुरुवार को मौसम पूरे राज्य में कहर ढा रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, हापुड़ और बिजनौर में गिरे ओलों ने फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।

जारी है किसानों की मुसीबतें: बिन मौसम बरसात और ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों और आलू के फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान किया है। भीष्मनगर के किसान रतन सिंह और निलोहा के हरबीर सिंह का कहना है कि ऐसे बदलते मौसम से आलू के फसले सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। मोरादाबाद के आलू उत्पादन करने वाले किसानो ने कहा कि अधिकांश आलू पानी के कारण खराब हो गए हैं। हमारे लिए अपने निवेश की वसूली करना भी अब मुश्किल होगा। कृषि यूनिवर्सिटी मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एन सुभाष भी किसानों की बात की पुष्टि करते हैं। उनका कहना है कि गुरुवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

कुछ किसानों को फायदा: जहां बिन मौसम बरसात से गेहूं और आलू के फसलें बर्बाद हो रही हैं तो वहीं कुछ फसलों को इस बारिश से फायदा भी हुआ है। बता दें चना, चारा और दलहनी के फसलों को ऐसे बरसात से लाभ होता है।

 

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