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यूपी: श्रीराम की प्रतिमा बनाना चाहते हैं रामवन सुतार

रामवन सुतार के बेटे और सबसे निकट सहयोगी अनिल सुतार ने बताया कि 182 मीटर ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा बनाने में करीब 4 साल का समय लगा है। कांस्य से बनी इस प्रतिमा की उम्र एक हजार साल से ज्यादा रहेगी।

Author November 7, 2018 3:12 AM
‘स्टैचू आॅफ यूनिटी’ की तर्ज पर अयोध्या में श्रीराम की भव्य प्रतिमा बनाने की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के जरिए हुई है।

दुनिया की सबसे ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा बनाने वाले 93 साल के प्रख्यात शिल्पकार और पद्म पुरस्कार विजेता रामवन सुतार अभी भी खुद को पूरी तरह से व्यस्त रखे हुए हैं। अयोध्या में श्रीराम की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने का कोई प्रस्ताव अभी उन्हें नहीं मिला है। अलबत्ता यदि प्रस्ताव मिलता है, तब उसे बनाने की इच्छा जरूर जाहिर की है। कांस्य की अनूठी प्रतिमा बनाने की महारथ रखने वाले रामवन सुतार की नियमित दिनचर्या दशकों से एक जैसी रही है। नोएडा के सेक्टर-19 में आवास ने सेक्टर-63 स्थित अपनी कार्यशाला पहुंचना और नए प्रयोग करना उनकी आदत में शुमार है।

‘स्टैचू आॅफ यूनिटी’ की तर्ज पर अयोध्या में श्रीराम की भव्य प्रतिमा बनाने की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के जरिए हुई है। इस सवाल पर कि क्या वे इस प्रतिमा को बनाने को तैयार हैं? उनका कहना है कि इसका अभी जवाब देना जल्दबाजी होगी। अभी तक उनसे मूर्ति बनाने को लेकर किसी ने संपर्क या बातचीत नहीं की है। डिजाइन तय होने के बाद यदि उन्हें प्रस्ताव आता है तो डिजाइन समेत तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद फैसला लेंगे। हालांकि उस प्रतिमा को बनाने की इच्छा जताई है।

रामवन सुतार के बेटे और सबसे निकट सहयोगी अनिल सुतार ने बताया कि 182 मीटर ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा बनाने में करीब 4 साल का समय लगा है। कांस्य से बनी इस प्रतिमा की उम्र एक हजार साल से ज्यादा रहेगी। अमदाबाद हवाई अड्डे पर रामवन सुतार की बनाई 18 फीट ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा लगी है। भारत सरकार ने जब ‘स्टैचू आॅफ यूनिटी’ का प्रस्ताव बनाया था, उसको लेकर अमेरिका के इतिहासकार माइकल माइस्टर ने रामवन सुतार का नाम सुझाया था। डिजाइन, निर्माण सामग्री समेत अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ‘स्टैचू आॅफ यूनिटी’ बनाने का काम शुरू किया था। उनके मुताबिक प्रतिमा का संचा तैयार करते समय सरदार पटेल के व्यक्तित्व का पूरा ध्यान रखा गया था। हालांकि शुरुआत में बने प्रारूप में बाद में कुछ तब्दीलियां करनी पड़ी थी। 85 फीसद तांबा, 5 फीसद इस्पात और 5 फीसद सीसा के मिश्रण से तैयार होने वाली मूर्तियों की उम्र एक हजार साल से ज्यादा होती है।

इनमें जंग नहीं लगती और मौसम का भी प्रभाव नहीं पड़ता है। महाराष्ट्र के धूलिया जिले के रहने वाले राम सुतार की बनाई प्रतिमाएं 25 देशों में लगी हैं। 1954-58 के दौरान रामवन सुतार ने अजंता एलोरो की गुफा को मूल रूप में संरक्षित किया था। संसद भवन के अलावा मायावती कार्यकाल में नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल और लखनऊ के पार्क में मूर्तियां भी रामवन सुतार की शिल्पकारी का नमूना है। आॅस्ट्रेलिया, फिजी, तुर्कमेनिस्तान, थाईलैंड, जर्मनी, मॉरीशस समेत बड़ी संख्या में देशों मे भी उनकी बनाई मूर्तियां दशकों से ज्यों की त्यों बरकरार है। 1999 में उन्हें पद्मश्री और 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

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