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आजम खां की दिवंगत मां के खिलाफ भी केस दर्ज, रामपुर फांसी घर की जमीन का है मामला

सांसद आजम खां की दिवंगत मां अमीर जहां बेगम के साथ अन्य 37 परिजनों पर सरकारी जमीन के खरीद-फरोक के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Author रामपुर | Updated: September 21, 2019 11:11 AM
आजम खान (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

रामपुर के सांसद आजम खां की दिवंगत मां के साथ उनके अन्य परिजनों पर सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में 37 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई नायब तहसीलदार कृष्ण गोपाल मिश्रा के शिकायत के आधार पर की है। बता दें कि इस मामले में आरोपी सासंद आजम खां की मां का दिहांत 2013 में ही हो गया है। वहीं सासंद आजम पर अन्य कई मामलों में अब तक 84 मुकदमें दर्ज किए जा चुका है। इस संदर्भ में पुलिस का कहना है कि मामला अभी कोर्ट में है और आरोप तय होने पर ही आजम खां की गिरफ्तारी की जाएगी।

क्या है मामलाः सासंद आजम खां के रिश्तेदारों के खिलाफ सरकार की जमीन को अवैध रुप से खरीदने और बेचने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने जांच में पाया कि जिले में मौजूद फांसीघर की जमीन पर पहले कब्जा किया गया है और बाद में उसे दूसरों को बेचा गया है। जांच में यह सामने आया है कि जमीन पर वाहिद और खुर्शीद के नाम चढ़े हैं जो कि सासंद के परिजन हैं। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि नाम चढ़ाते वक्त तीन लोग शाजेब खान, मोहम्मद इकबाल और फारुख गवाह के तौर पर अपनी हामी भरी है। गौरजलब है कि पुलिस ने मामले में खान की दिवंगत मां अमीर जहां बेगम पर भी केस दर्ज की है। बताया जा रहा है कि वाहिद और खुर्शीद जमीन को किसी दूसरे को बाद में बेच दी थी।

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फांसी घर की हुई अवैध खरीद बिक्रीः बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने भी मामले में आजम खां के परिजनों पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सासंद के परिवार वालों नें एक समय में जहां फांसी घर थी उसे अपने कब्जे में लिया है। उनके मुताबिक रामपुर सिटी 1943 खेवट खसरा शहर रामपुर का खसरा नंबर 512, 513, 514, 515, 518/9067, 519 जेल की आराजी है। इसका खेवट खसरा नगर पालिका में मौजूद है। बता दें कि सांसद आजम के परिजनों पर इन्हीं जमीनों को हड़पने और बेचने का आरोप है।

कई और नाम सामने आने की उम्मीदः बता दें कि राजस्व अभिलेखों में यह जमीन सरकारी जमीन के रुप में दर्ज है। ऐसे में इसे किसी को कब्जा करना या बेचने का अधिकार नहीं है। ऐसा करना एक अपराध है। इस मामले में पुलिस ने 37 अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया है। वहीं जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने सांसद की मां का नाम इस मामले से हटाने की भी बात कही है क्योंकि उनका दिहांत हो गया है। इस बीच पुलिस का यह भी कहना है कि इसमें और भी नाम निकलकर सामने आ सकते हैं।

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