Rampal Gets Bail: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को देशद्रोह के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल को जमानत दे दी। 11 साल, 4 महीने और 20 दिन जेल में बिताने के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रामपाल को हिसार सेंट्रल जेल-2 से रिहा कर दिया जाएगा।
हिसार सेंट्रल जेल-2 के सुपरिटेंडेंट उमेश कुमार ने बताया, “हाईकोर्ट का जमानत आदेश संबंधित न्यायालय को भेजा जाएगा। उसके बाद, वहां जमानत बांड दाखिल किया जाएगा। फिर आदेश जेल पहुंचेगा, जिसके बाद रामपाल को रिहा कर दिया जाएगा।” 74 साल के रामपाल को 2006 में एक युवक की हत्या से जुड़े अदालत की अवमानना के मामले के साथ-साथ 2014 में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के संबंध में देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
हत्या, हिंसा और न्यायालय की अवमानना
12 जुलाई 2006 को रोहतक के करोन्था आश्रम में रामपाल के समर्थकों और आर्य समाज के सदस्यों के बीच हुई झड़प में एक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले की सुनवाई 14 जुलाई 2014 को रोहतक की एक अदालत में हिसार अदालत से वर्चुअल माध्यम से होनी थी। उसी दिन रामपाल के समर्थकों पर हिसार अदालत परिसर में अशांति फैलाने, तोड़फोड़ करने और वकीलों पर हमला करने का आरोप लगाया गया था।
रोहतक बार एसोसिएशन ने हड़ताल की और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में रामपाल के खिलाफ अवमानना की याचिका दायर की। रामपाल उस मामले में दो बार पेश नहीं हुआ, जिसके चलते 10 नवंबर और 17 नवंबर 2014 को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए। 17 नवंबर को भी उसकी गिरफ्तारी न होने पर हाईकोर्ट ने पुलिस को 20 नवंबर तक का समय दिया।
18 नवंबर 2014 को जब पुलिस ने बरवाला स्थित सतलोक आश्रम से रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई शुरू की, तो हजारों समर्थकों ने आश्रम को अंदर और बाहर से घेर लिया और टीम को अंदर जाने से रोक दिया। इससे कई दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कई जगहों पर झड़पें हुईं, जिसके चलते पुलिस को आंसू गैस और बल प्रयोग करना पड़ा।
आश्रम के अंदर 5 महिलाओं और एक बच्चे की मौत की खबरें सामने आने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। आखिरकार 19 नवंबर 2014 को पुलिस ने रामपाल को आश्रम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 2018 में, हिसार की अदालत ने आश्रम में हुई मौतों के सिलसिले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
रामपाल ने हिसार की अदालत में जमानत याचिका दायर की, लेकिन 22 सितंबर, 2025 को इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उसने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हिसार के वकील कुलदीप ने बताया, “रामपाल के खिलाफ कुल 14 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 11 मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया है। दो मामलों में हाईकोर्ट ने उनकी आजीवन कारावास की सजा निलंबित कर दी थी। फिलहाल उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला संख्या 428 चल रहा है, जिसमें लगभग 1000 लोग शामिल हैं, जिनमें से ज्यादातर को जमानत मिल चुकी है।”
रामपाल कौन है?
रामपाल खुद को धार्मिक उपदेशक और सतलोक आश्रम का संस्थापक बताता है। इसके अनुयायी मुख्य तौर पर उत्तरी भारत, विशेषकर हरियाणा में हैं। उसने हरियाणा के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया था, लेकिन 1990 के दशक में आध्यात्मिक शिक्षा देने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी।
अपने बढ़ते अनुयायियों और कई आश्रमों की स्थापना के माध्यम से उसने प्रसिद्धि हासिल की। हालांकि, उनकी इस सफलता के साथ-साथ काफी विवाद भी जुड़े रहे। कानूनी चुनौतियों के बावजूद, रामपाल के अनुयायियों की संख्या अभी भी बहुत ज्यादा है और वह भारत में एक प्रभावशाली लेकिन विवादास्पद धार्मिक व्यक्ति बने हुए हैं। आइए जानते हैं विस्तार से उसके बारे में…
